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कड़ाके की ठंड के साथ दिल्ली की हवा हुई जहरीली: कई इलाकों में AQI 400 के पार, स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कड़ाके की सर्दी के साथ वायु प्रदूषण ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘वेरी पुअर’ श्रेणी में बना हुआ है, जो सुबह के समय 357 से 490 तक पहुंच गया। कई इलाकों में AQI 400 के पार हो गया, जिससे हवा ‘सीवियर’ (गंभीर) स्तर पर पहुंच गई है। ठंड और कोहरे के कारण प्रदूषक हवा में फंस रहे हैं, जिससे सांस की बीमारियां बढ़ने का खतरा है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि दिल्ली में न्यूनतम तापमान 3-4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जो सामान्य से काफी नीचे है। कोल्ड वेव की स्थिति कई जगहों पर बनी हुई है, और घने कोहरे से विजिबिलिटी कम हो रही है। इससे ट्रैफिक और उड़ानें प्रभावित हो रही हैं। प्रदूषण के मुख्य कारणों में वाहनों का धुआं, उद्योगों का उत्सर्जन, निर्माण कार्य और कम हवा की गति शामिल हैं। ठंड में हवा की निचली परतें स्थिर हो जाती हैं, जिससे PM2.5 और PM10 जैसे कण हवा में जमा हो जाते हैं।

प्रमुख इलाकों में AQI स्थिति (14 जनवरी 2026 सुबह के आंकड़े):

  • जहांगीरपुरी: 420 (सीवियर)
  • आरके पुरम: 407
  • द्वारका सेक्टर-8: 403-414
  • आनंद विहार: 366
  • बवाना: 361
  • वजीरपुर: 386
  • चांदनी चौक: 397

समग्र AQI विभिन्न स्रोतों के अनुसार 357 से 490 तक दर्ज किया गया, जो ‘वेरी पुअर’ से ‘हैजार्डस’ श्रेणी में आता है। CPCB के अनुसार, AQI 301-400 ‘वेरी पुअर’ और 401+ ‘सीवियर’ माना जाता है, जिसमें स्वस्थ लोगों को भी सांस की तकलीफ हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी:

  • बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को बाहर निकलने से बचें।
  • मास्क पहनें, इंडोर रहें और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें।
  • लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से फेफड़ों की बीमारियां, हृदय रोग और स्ट्रेस बढ़ सकता है।

IMD के अनुसार, आने वाले दिनों में ठंड और कोहरा बना रहेगा, जिससे प्रदूषण में सुधार की उम्मीद कम है। सरकार से ग्रेप (GRAP) नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग हो रही है, जैसे निर्माण कार्य रोकना और पुराने वाहनों पर प्रतिबंध।

दिल्लीवासी इस दोहरी मार (ठंड और प्रदूषण) से जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक ऐसे हालात रहने से स्वास्थ्य संकट गहरा सकता है। नागरिकों से अपील है कि सावधानी बरतें और प्रदूषण कम करने में सहयोग करें।

news desk

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