दुनिया भर में इस समय कुदरत का डबल अटैक देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहाँ यूरोप के कई देश रिकॉर्ड-तोड़ गर्मी और हीटवेव से उबल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी प्रशांत महासागर में उठा एक चक्रवाती तूफान अब दुनिया के सबसे खतरनाक ‘कैटेगरी-5’ के सुपर टाइफून बावी “Super Typhoon Bavi” में बदल चुका है। वेदर एक्सपर्ट्स की मानें तो यह चक्रवात इस वक्त समंदर के ऊपर एक मॉन्स्टर बवंडर का रूप ले चुका है, जो अमेरिकी प्रशांत द्वीपों से लेकर फिलीपींस, ताइवान और चीन तक भारी तबाही मचाने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस सुपर टाइफून की ताकत का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इसके सेंटर में हवाओं की परमानेंट स्पीड 260 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई है। वहीं, इसके सबसे डेंजरस जोन में हवा के झोंकों की रफ्तार 315 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच रही है।
इस भयावह सिचुएशन को देखते हुए अमेरिकी मौसम विभाग ने अपने कंट्रोल वाले प्रशांत महासागरीय क्षेत्रों गुआम, रोटा, टिनियन और साइपन में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। इन आइलैंड्स पर अभी से ही 259 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से विनाशकारी हवाएं चलनी शुरू हो चुकी हैं, समंदर में कई मीटर ऊंची लहरें उठ रही हैं और नॉन-स्टॉप मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।
वेदर फोरकास्ट एजेंसियों ने इस सुपर टाइफून के आगे बढ़ने के ट्रैक और इसके लैंडफॉल को लेकर एक क्लियर टाइमलाइन जारी की है,
यह तूफान सबसे पहले गुआम और मारियाना द्वीप समूह के रोटा, टिनियन और साइपन आइलैंड्स पर सीधे हिट (लैंडफॉल) करेगा। इस दौरान यहाँ सबसे भीषण तबाही की आशंका जताई गई है। मारियाना द्वीपों को पार करने के बाद यह चक्रवात वेस्ट की तरफ बढ़ेगा और फिलीपींस के समुद्री एरिया में एंट्री लेगा। फिलीपींस में इस तूफान को लोकल नाम ‘इंडे’ ‘Inday’ दिया गया है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह फिलीपींस के मेन कोस्टलाइन से सीधे तो नहीं टकराएगा, लेकिन इसके आउटर बैंड्स की वजह से लूजोन “Luzon” क्षेत्र में इतनी भारी बारिश होगी कि वहाँ बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है।
फिलीपींस से आगे निकलने के बाद यह चक्रवात ताइवान और ईस्टर्न चाइना के तटों से टकराएगा। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि चीन और ताइवान पहुंचते-पहुंचते भी इसकी इंटेंसिटी बेहद विनाशकारी बनी रहेगी, जिससे यहाँ के मैदानी इलाकों में भीषण बाढ़ आने और जान-माल का बड़ा नुकसान होने की संभावना है।
प्रशांत महासागर के इन सभी प्रभावित देशों की सरकारों ने कोस्टल (तटीय) और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सेफ जगहों पर शिफ्ट होने के निर्देश दिए हैं। इमरजेंसी सर्विसेज को स्टैंडबाय पर रखा गया है, क्योंकि 300 किमी/घंटे से ज्यादा की रफ्तार वाली ये हवाएं बड़े-बड़े पेड़ों को उखाड़ने, बिजली के पोल गिराने और कमजोर मकानों को पूरी तरह तबाह करने की ताकत रखती हैं। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को लैंडस्लाइड से बचने के लिए खास तौर पर अलर्ट रहने को कहा गया है।
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