भारतीय टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है। कई सीनियर खिलाड़ियों को खराब प्रदर्शन के चलते टीम से बाहर होना पड़ रहा है।
मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ को भी फिलहाल टीम में जगह नहीं मिल पा रही है। इसी बीच अब रविंद्र जडेजा को लेकर भी चर्चाएं तेज़ हो गई हैं कि उनका वनडे करियर खतरे में पड़ सकता है।
दरअसल, पिछले पांच वनडे मैचों में जडेजा बतौर ऑलराउंडर बेहद निराशाजनक प्रदर्शन करते नजर आए हैं। मौजूदा वनडे सीरीज़ में उनकी फॉर्म टीम इंडिया के लिए बड़ी चिंता बन गई है। हालात ऐसे हैं कि उन्होंने पिछले पांच वनडे मुकाबलों में एक भी विकेट नहीं लिया है, जबकि चार पारियों में बल्ले से महज़ 87 रन ही बना सके हैं।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि हेड कोच गौतम गंभीर उन्हें कब तक टीम में बनाए रखते हैं। खासतौर पर अगर अक्षर पटेल की वनडे टीम में वापसी होती है, तो जडेजा की जगह पर सीधा खतरा मंडरा सकता है।
अगर रविंद्र जडेजा के वनडे करियर पर नजर डालें तो उन्होंने अब तक 209 वनडे इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इस दौरान 141 पारियों में उन्होंने 2,893 रन बनाए हैं, जिसमें 13 अर्धशतक शामिल हैं, जबकि एक भी शतक उनके नाम नहीं है। गेंदबाजी की बात करें तो जडेजा ने 201 वनडे पारियों में 232 विकेट झटके हैं।
गौतम गंभीर के टीम इंडिया का कोच बनने के बाद से ऑलराउंडर्स पर खास जोर देखा गया है, और यही वजह है कि जडेजा की जगह अब तक बनी हुई है। जडेजा पहले ही टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब उनका वनडे करियर भी अधर में लटकता नजर आ रहा है।
हालांकि, रेड बॉल क्रिकेट यानी टेस्ट में जडेजा का प्रदर्शन अब भी शानदार है, लेकिन वनडे फॉर्म को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। गेंदबाजी में वह पहले जैसी धार नहीं दिखा पा रहे हैं और बल्लेबाजी में भी कोई बड़ा प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे हैं। ऐसे में आने वाले मुकाबले जडेजा के वनडे भविष्य के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।