Trending News

‘MANREGA’ के नाम बदलने पर कांग्रेस की सख्त प्रतिक्रिया! प्रियंका गांधी ने क्या कह कर उठाया सवाल?

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम यानी मनरेगा देश की राजनीति में अक्सर चर्चा में रहती है, लेकिन इस बार चर्चा में इसलिए है क्योंकि इस योजना का नाम बदल गया है। केंद्र सरकार ने इसका नाम बदलकर ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोज़गार योजना’ करने के लिए एक बिल को मंज़ूरी दी है, जिसके बाद से ही देश की राजनीति गरमा गई है। इस योजना से ‘महात्मा गांधी’ शब्द हटाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर ज़ोरदार हमला बोला है और इस कदम को महात्मा गांधी की विरासत को मिटाने तथा कांग्रेस की ‘क्रांतिकारी’ योजना का श्रेय खुद लेने की ‘सोची-समझी साजिश’ करार दिया है।

प्रियंका गांधी ने मानसिकता पर उठाया सवाल

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने नाम बदलने के इस प्रस्ताव पर मीडिया से बात करते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘मैं समझ नहीं सकती कि इसके पीछे क्या मानसिकता है। सबसे पहले तो ये महात्मा गांधी का नाम है और जब नाम बदला जाता है तो सरकार के संसाधन उसमें फिर से खर्च होते हैं… ये एक बड़ी प्रक्रिया होती है जिसमें पैसे भी लगते हैं।‘

कांग्रेस पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी इस कदम की कड़ी आलोचना की है. जिसमें कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने ‘X’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि ‘जिन्होंने कभी MGNREGA को ‘विफलता का स्मारक’ कहा था, अब उसी योजना का नाम बदलकर श्रेय लेना चाहते हैं। उन्होंने इसे ‘राष्ट्रीय मानस से महात्मा गांधी को मिटाने’ का प्रयास बताया है’। वेणुगोपाल ने ये भी आरोप लगाया कि नाम बदलना केवल एक ‘कॉस्मेटिक बदलाव’ है, जिसका उद्देश्य योजना की जानबूझकर की जा रही उपेक्षा को छिपाना और फंड कम करके इसे धीरे-धीरे खत्म करने की ‘सावधानीपूर्वक नियोजित रणनीति’ को लागू करना है।

वहीं कांग्रेस सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने भाजपा पर कांग्रेस की योजनाओं का नाम बदलकर उन पर अपनी मुहर लगाने की पुरानी आदत का आरोप लगाया। उन्होंने ऐसी 32 योजनाओं की सूची साझा की, जिनका नाम बदला गया है।

केंद्रीय कैबिनेट ने MGNREGA के नाम में बदलाव के साथ ही योजना के तहत कार्य दिवसों की संख्या बढ़ाने के लिए भी बिल को मंजूरी दी है, लेकिन कांग्रेस नेताओं के कड़े विरोध ने इस प्रस्ताव को एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल दिया है।

news desk

Recent Posts

मायके से आई वो पोटली, जिसे खोलते ही नम हो जाती हैं बेटियों की आंखें! मगध की सावन पुरिया में छिपा है अपनों का प्यार

गया: मगध क्षेत्र में सावन का महीना केवल भगवान शिव की भक्ति और हरियाली से…

9 hours ago

40 दिन तक बिना नहाए रहते हैं पुरुष, फिर धरते हैं महिलाओं का रूप… राजस्थान की गवरी परंपरा क्यों है इतनी अनोखी?

उदयपुर: राजस्थान के मेवाड़ अंचल में भील आदिवासी समुदाय की गवरी लोकनाट्य परंपरा अपनी अनूठी…

10 hours ago

ट्रंप के ‘Economic D-Day’ पर ईरान का पलटवार, अराघची बोले- अमेरिका अपने संकट से ध्यान भटका रहा

अमेरिका और ईरान के बीच आर्थिक टकराव अब और तेज होता दिखाई दे रहा है।…

10 hours ago

टेलीफोन की लंबी कतारों से डिजिटल इंडिया तक: राजीव गांधी ने कैसे बदली भारत की तकनीकी तस्वीर?

कल्पना कीजिए उस दौर की, जब भारत में कंप्यूटर आम लोगों के लिए किसी अजूबे…

12 hours ago

कांग्रेस नेता व 1984 दंगा मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे सज्जन कुमार का निधन, सफदरजंग अस्पताल में तोड़ा दम

1984 के सिख विरोधी दंगे के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कांग्रेस के…

12 hours ago