उत्तर भारत में सिर्फ पारा ही नहीं गिरा है, बल्कि अब ‘दिन’ ने भी ठिठुराना शुरू कर दिया है। अगर आप सोच रहे हैं कि सिर्फ रातें ठंडी हैं, तो सावधान! IMD ने ‘कोल्ड डे’ की चेतावनी जारी की है। ये कोई आम ठंड नहीं, बल्कि सेहत पर सीधा हमला करने वाली ठण्ड है।
मौसम विभाग के अनुसार, ‘कोल्ड डे’ तब घोषित किया जाता है जब दो ‘डेडली’ स्थितियां एक साथ बनती हैं पहला ये कि मैदानी इलाकों में रात का न्यूनतम तापमान 10°C से नीचे चला जाए, और दूसरा दिन का अधिकतम तापमान भी सामान्य के मुकाबले 4.5°C से 6.4°C तक लुढ़क जाए। सरल शब्दों में कहें तो जब कड़ाके की ठंड के साथ दिन भर सूरज गायब रहे, तब इसे ‘कोल्ड डे’ माना जाता है।
वहीं, अगर दिन के पारे में ये गिरावट 6.4°C के आंकड़े को पार कर जाती है, तो मौसम विभाग ‘सीवियर कोल्ड डे’ का अलर्ट जारी कर देता है, जो सेहत के लिए और भी ज्यादा क्रिटिकल होता है|
शीतलहर Vs कोल्ड डे: कौन है असली विलेन?
अक्सर लोग शीतलहर (Cold Wave) से डरते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स की मानें तो ‘कोल्ड डे’ ज़्यादा रिस्की है। क्योंकि शीतलहर में रात ठंडी होती है, पर दिन में धूप निकलने से बॉडी को ‘हीलिंग टाइम’ मिल जाता है। और कोल्ड- डे में दिन भर धूप नहीं निकलती। बॉडी लगातार ठंडी बनी रहती है, जिससे हाइपोथर्मिया और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
खुद को कैसे बचाएं?
एक मोटी जैकेट के बजाय 3-4 लेयर्स में कपड़े पहनें। परतों के बीच फंसी हवा इंसुलेशन का काम करती है। सिर्फ चाय-कॉफी नहीं, बल्कि विटामिन-C और अदरक-तुलसी का काढ़ा लें ताकि आपकी इम्युनिटी बनी रहे। अगर रूम हीटर जला रहे हैं, तो कमरा पूरी तरह बंद न करें। ताजी हवा आने दें, वरना ऑक्सीजन लेवल गिर सकता है।
अगले 48 घंटे भारी हैं! पंजाब, हरियाणा और यूपी में धुंध का ‘येलो अलर्ट’ है। घर से निकलने से पहले टेम्परेचर ज़रूर चेक करें।