क्या BRICS UNIT डॉलर के वर्चस्व को चुनौती देगा?
चीन की सेंट्रल बैंक ‘पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना’ ने नवंबर 2025 में लगातार 13वें महीने गोल्ड खरीद जारी रखी, जिससे वैश्विक बाज़ारों में नई हलचल तेज़ हो गई है। नवंबर में 30,000 ट्रॉय औंस (करीब 933 किलोग्राम) सोना खरीदा गया, और चीन का कुल गोल्ड रिज़र्व बढ़कर 74.12 मिलियन ट्रॉय औंस (लगभग 2,305 टन) हो गया। नवंबर 2024 से शुरू हुआ यह रणनीतिक गोल्ड-अक्युमुलेशन एक साल में 200 टन से अधिक सोना जोड़ चुका है।
क्यों नहीं रुक रही चीन की गोल्ड खरीद?
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सिर्फ महंगाई से बचाव का उपाय नहीं बल्कि अमेरिकी डॉलर की पकड़ से धीरे-धीरे निकलने की एक रणनीति है। वर्तमान में गोल्ड चीन के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का 5% है, और यह हिस्सा लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका-चीन व्यापार तनाव, रूस पर लगे पश्चिमी प्रतिबंध और BRICS देशों की डॉलर-विकल्प की खोज इस गोल्ड रैली को और तेज़ कर रही है।
BRICS “UNIT” नाम की गोल्ड-बैक्ड ग्लोबल करेंसी बनाने पर काम कर रहा है, जिसमें चीन प्रमुख भूमिका निभा रहा है। वहीं उभरते बाजारों की सेंट्रल बैंकें खासकर चीन और रूस, 2025 में अब तक 1,000 टन से अधिक सोना खरीद चुकी हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड प्राइस को $2,650 प्रति औंस पर टिकाए हुए है।
नई वैश्विक मुद्रा व्यवस्था का ट्रांजिशन शुरू? (New Financial Order in Making)
चीन की आक्रामक गोल्ड खरीद, BRICS की यूनिट करंसी, और डॉलर से दूरी बनाने की कोशिशें इस ओर संकेत देती हैं कि वैश्विक वित्तीय प्रणाली एक बड़े ट्रांजिशन में प्रवेश कर चुकी है। कई अर्थशास्त्री इसे “डॉलर डिपेंडेंसी से डी-रिस्किंग” का सबसे बड़ा कदम बता रहे हैं।
अगर BRICS की गोल्ड-बैक्ड मुद्रा सफल होती है, तो वैश्विक व्यापार में कई दशकों बाद पहली बार डॉलर के वर्चस्व को चुनौती मिल सकती है।
कियोसाकी की चेतावनी: “डॉलर मर रहा है… असली संपत्ति खरीदो”
‘Rich Dad Poor Dad’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी लंबे समय से चेतावनी दे रहे हैं कि पेपर करेंसी का दौर समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। दिसंबर 2025 तक उनके बयान काफी आक्रामक हो चुके हैं।
• “BRICS ने गोल्ड-बैक्ड UNIT की घोषणा कर दी। अलविदा अमेरिकी डॉलर!” (5 दिसंबर 2025)
• “जापान का कैरी ट्रेड खत्म—अब बुलबुला फटेगा, सोना-चांदी-बिटकॉइन खरीदते रहो।” (29 नवंबर 2025)
• “सोना $27,000, बिटकॉइन $250,000—क्रैश में भी खरीदता रहूंगा।” (9 नवंबर 2025)
कियोसाकी ETF को “नकली एसेट” बताते हैं और फिज़िकल गोल्ड-सिल्वर व असली बिटकॉइन रखने की सलाह देते हैं।
आम निवेशक के लिए संकेत क्या हैं?
चीन की बढ़ती गोल्ड खरीद और BRICS की नई करेंसी योजना यह दर्शाती है कि आने वाले वर्षों में ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम में बड़े बदलाव संभव हैं। ऐसे में निवेशक अपने पोर्टफोलियो का 5–15% सोना, चांदी या बिटकॉइन जैसी वैकल्पिक संपत्तियों में रखने पर विचार कर सकते हैं।
विशेषज्ञ फिज़िकल गोल्ड और डायरेक्ट बिटकॉइन को ETFs की तुलना में अधिक सुरक्षित मानते हैं, हालांकि इनकी अस्थिरता को समझकर ही निवेश जरूरी है।
चीन की तिजोरी में लगातार बढ़ता सोना, वैश्विक भू-राजनीति में बदलाव और कियोसाकी की जारी चेतावनी एक ही बात कह रहे हैं.
“जो आज तैयारी करेगा, वही आने वाले वित्तीय भूचाल में बचा रहेगा।”
लखनऊ। अलीगढ़ का एक मामला इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। हर तरफ…
उत्तर कोरिया से एक दिलचस्प और बड़ी खबर सामने आई है। देश के सर्वोच्च नेता…
कानपुर की वीआईपी रोड पर 8 फरवरी को हुए हाई-प्रोफाइल सड़क हादसे ने एक बार…
लखनऊ। श्री जय नारायण मिश्रा पीजी कॉलेज में चल रही 53वीं श्रीमती सुंदरी देवी अंतर-महाविद्यालय…
बॉलीवुड के दिग्गज सिंगर उदित नारायण एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। उनकी…
बीते कुछ दिनों से राहुल गांधी और विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर हमलावर रहे हैं।…