Trending News

UPI पर लग सकता है चार्ज? 2 हजार रुपये से ज्यादा की पेमेंट पर क्या बदल जाएगा, दूध-सब्जी होगी महंगी या नहीं; जानिए हर सवाल का जवाब

नई दिल्ली: यूपीआई से भुगतान करने वालों के लिए आने वाले समय में नियम बदल सकते हैं। केंद्र सरकार ने डिजिटल भुगतान से जुड़े कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखा है, जिससे भविष्य में यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने का अधिकार सरकार के पास आ सकता है। हालांकि फिलहाल यूपीआई पर कोई शुल्क नहीं लगाया गया है और न ही तत्काल ऐसा कोई फैसला हुआ है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अगर एमडीआर लागू हुआ तो इसका असर किस पर पड़ेगा और क्या रोजमर्रा की खरीदारी भी महंगी हो जाएगी। यहां जानिए इससे जुड़े सभी अहम सवालों के जवाब।

क्या है एमडीआर?

एमडीआर यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट वह शुल्क होता है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर व्यापारी बैंक, भुगतान सेवा प्रदाता या संबंधित भुगतान प्रणाली को देता है। वर्ष 2020 में सरकार ने यूपीआई और रुपे डेबिट कार्ड लेनदेन पर एमडीआर समाप्त कर दिया था, ताकि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिल सके।

फिलहाल यूपीआई भुगतान पूरी तरह निशुल्क है, जबकि क्रेडिट कार्ड और कुछ अन्य डिजिटल भुगतान माध्यमों पर पहले से एमडीआर लागू है।

सरकार क्या बदलाव करने जा रही है?

सरकार ने ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026’ के जरिए ‘पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007’ की धारा 10ए में संशोधन का प्रस्ताव रखा है।

यदि यह संशोधन कानून बन जाता है तो सरकार को अधिसूचना जारी कर यह तय करने का अधिकार होगा कि किन इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यमों पर एमडीआर लागू होगा, किन पर नहीं और इसकी दर कितनी होगी।

अभी क्या यूपीआई पर चार्ज लग गया है?

नहीं। फिलहाल यूपीआई पर कोई एमडीआर लागू नहीं किया गया है।

सरकार ने केवल कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। संसद से मंजूरी मिलने के बाद भी एमडीआर स्वतः लागू नहीं होगा। इसके लिए सरकार को अलग से अधिसूचना जारी करनी होगी।

एमडीआर लागू करने की जरूरत क्यों महसूस हुई?

सरकार फिलहाल यूपीआई को बिना शुल्क बनाए रखने के लिए भुगतान कंपनियों को प्रोत्साहन राशि देती है। वर्ष 2021-22 से यह योजना लागू है, जिसके तहत हर साल लगभग 2,000 करोड़ रुपये दिए जाते हैं।

हालांकि संसदीय समिति का कहना है कि यह राशि पूरे डिजिटल भुगतान तंत्र की वास्तविक लागत का केवल एक हिस्सा है। साइबर सुरक्षा, सर्वर क्षमता और डिजिटल ढांचे के विस्तार के लिए स्थायी आय का स्रोत जरूरी है।

रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने भी कहा है कि डिजिटल भुगतान प्रणाली को संचालित और विकसित करने की लागत किसी न किसी को वहन करनी होगी, हालांकि इसका भार सीधे आम उपभोक्ताओं पर डालना जरूरी नहीं है।

अगर एमडीआर लागू हुआ तो किस पर लागू हो सकता है?

चर्चा के अनुसार, एमडीआर केवल 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर लगाया जा सकता है।

रिपोर्टों के मुताबिक, यह शुल्क मुख्य रूप से उन व्यापारियों पर लागू हो सकता है, जिनका वार्षिक कारोबार 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है। प्रस्तावित दर 0.3 प्रतिशत से 0.5 प्रतिशत के बीच हो सकती है।

हालांकि सरकार की ओर से अभी इस संबंध में कोई अंतिम अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

क्या दूध, सब्जी और किराना खरीदना महंगा हो जाएगा?

फिलहाल इसकी संभावना बेहद कम मानी जा रही है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यूपीआई के लगभग 86 प्रतिशत लेनदेन 500 रुपये तक के होते हैं, जबकि करीब 10 प्रतिशत भुगतान 500 से 2,000 रुपये के बीच होते हैं। केवल लगभग 4 प्रतिशत लेनदेन ही 2,000 रुपये से अधिक के हैं।

यानी रोजमर्रा की अधिकांश खरीदारी संभावित एमडीआर के दायरे से बाहर रहेगी।

क्या आम ग्राहकों पर इसका असर पड़ेगा?

सीधे तौर पर एमडीआर का भुगतान ग्राहक नहीं, बल्कि व्यापारी करते हैं।

हालांकि यदि भविष्य में बड़े व्यापारियों पर अतिरिक्त लागत बढ़ती है तो कुछ कारोबारी बड़े यूपीआई भुगतान लेने से बच सकते हैं, छूट और ऑफर कम कर सकते हैं या सीमित मामलों में इसकी लागत वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में जोड़ सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती दौर में बड़े व्यापारी यह अतिरिक्त खर्च खुद वहन कर सकते हैं, लेकिन लंबे समय में इसका कुछ अप्रत्यक्ष असर देखने को मिल सकता है।

सरकार और उद्योग को क्या फायदा होगा?

विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि भविष्य में 0.15 प्रतिशत से 0.30 प्रतिशत तक का एमडीआर लागू किया जाता है तो वर्ष 2027-28 तक इससे 5,000 करोड़ से 10,000 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है। इससे डिजिटल भुगतान प्रणाली के संचालन और विस्तार के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे।

 

vineet verma

Recent Posts

पुतिन की ऐतिहासिक जीत: 57.83% भारी-भरकम वोटों के साथ ‘यूनाइटेड रशिया’ ने मारी बाजी, संसद में प्रचंड बहुमत हासिल

रूस के राजनीतिक गलियारों से एक ऐसी बड़ी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया…

48 minutes ago

जमुई शर्मनाक कांड पर बड़ा एक्शन: 3 आरोपि गिरफ्तार, राहुल गांधी बोले— ‘यह पैट्रिआर्की की सोच’

बिहार में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है।…

1 hour ago

यूपी टी20 लीग के बाद अब ताजनगरी की नजरें IPL पर: क्या आगरा में सजेगी दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट मंडी?

आगरा। यूपी टी20 लीग की ऑक्शन की भव्य और सफल मेजबानी करने के बाद अब…

2 hours ago

इटली के स्कूलों में बुर्का-नकाब पर बैन की तैयारी, मेलोनी ने क्यों लिया ये फैसला?

Italy Burqa Ban: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर…

2 hours ago

छात्र आंदोलन की बड़ी जीत! IIT बॉम्बे ने मानीं 18 मांगें, एक्शन में आया प्रशासन

आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टल में 20 वर्षीय छात्र साहिल वाकोडे की संदिग्‍ध परिस्थितियों में हुई…

2 hours ago

‘LIC सिफारिश से लेकर PMO की कॉल तक’: पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग के सनसनीखेज खुलासे से दिल्ली के सियासी गलियारों में हड़कंप

नई दिल्ली। देश की शीर्ष नौकरशाही और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गज नेताओं…

3 hours ago