24 सितंबर को दो बड़े देशों के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसके बाद से दुनिया भर में इन दोनों देशों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। वॉशिंगटन डी.सी. स्थित व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। इस बैठक का प्रमुख उद्देश्य अमेरिका-चीन संबंधों में चल रहे व्यापार और रणनीतिक तनावों पर बातचीत करना था। बैठक में टैरिफ और व्यापार के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
24 सितंबर 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच व्हाइट हाउस में अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक और रणनीतिक तनाव को कम करने के लिए संवाद बनाए रखना था। बैठक में टैरिफ और ट्रेड वॉर के साथ व्यापार असंतुलन पर चर्चा हुई।
दोनों पक्षों ने वैश्विक सप्लाई चेन, खासकर सेमीकंडक्टर चिप्स और रेयर अर्थ मिनरल्स की आपूर्ति से जुड़े मुद्दों पर भी विचार किया। इसके अलावा ताइवान और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील भू-राजनीतिक मुद्दे भी बातचीत के एजेंडे में रहे। बैठक को दोनों देशों के बीच संवाद बनाए रखने की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में देखा गया।
अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापारिक तनाव को कम करने के लिए व्यापार समझौते की अवधि को दो महीने और बढ़ाकर 10 जनवरी तक करने पर सहमति बनी। यह समझौता पहले नवंबर में समाप्त होने वाला था। विस्तार का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों में बनी नरमी को आगे बढ़ाना है।
इसके तहत अमेरिका में चीनी कंपनियों के साथ निष्पक्ष व्यवहार और अमेरिकी कृषि समेत अन्य गैर-रणनीतिक उत्पादों के लिए चीनी बाजार को खुला रखने की बात कही गई है। शी जिनपिंग ने दोनों देशों के आर्थिक और व्यापारिक दलों के बीच बने नए तालमेल को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक बताया।
अमेरिका-चीन बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भी अहम मुद्दा रहा। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि AI तकनीक का विकास मानव कल्याण के लिए होना चाहिए और इसे हमेशा इंसानी नियंत्रण में रखा जाना जरूरी है।
दोनों देशों ने AI से जुड़े संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों और तकनीकी खतरों पर संवाद बनाए रखने के लिए AI Dialogue और नोटिफिकेशन/अलर्ट मैकेनिज्म शुरू करने पर सहमति जताई।
बैठक के दौरान AI और टेक्नोलॉजी क्षेत्र की अहमियत तब भी दिखी, जब ट्रंप के स्टेट डिनर में OpenAI के सैम ऑल्टमैन, Nvidia के जेन्सेन हुआंग, Google के सुंदर पिचाई और Apple के टिम कुक जैसी प्रमुख टेक हस्तियां शामिल हुईं।
डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच हुई यह उच्च स्तरीय बैठक इस बात का संकेत है कि भले ही दोनों देशों के बीच रणनीतिक और व्यापारिक प्रतिस्पर्धा जारी हो, लेकिन वैश्विक स्थिरता और आर्थिक संतुलन के लिए संवाद के दरवाजे खुले रखना दोनों महाशक्तियों की मजबूरी और जरूरत दोनों बन चुका है। तकनीक, ट्रेड और एआई के मोर्चे पर बनी नई सहमतियां आने वाले समय में वैश्विक बाजार की दिशा तय करेंगी।
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