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बाजार में ब्लैक ट्यूसडे का कहर! सेंसेक्स 700 पॉइंट टूटा, निवेशकों के लाखों करोड़ रुपए हुए स्वाहा

भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते की शुरुआत ही ब्लैक ट्यूसडे के रूप में हुई है। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गएबंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचक सेंसेक्स करीब 700 से ज्यादा पॉइंट नीचे गिरकर सीधे 77,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे आ गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 240-250 पॉइंट की बड़ी गिरावट के साथ 23,250 के करीब जा फिसला। इस अचानक आए भूचाल की वजह से चंद मिनटों के भीतर निवेशकों के 5 लाख करोड़  पूरी तरह स्वाहा हो गए।

3 बड़े विलेन, जिन्होंने बाज़ार का ‘ब्लडबाथ’ कराया

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बजट के तुरंत बाद आए इस क्रैश के पीछे घरेलू कम और ग्लोबल ट्रिगर्स बहुत ज्यादा हावी रहे:

1. डोनल्ड ट्रम्प का ‘टैरिफ बम’ और ट्रेड वॉर का डर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने कनाडा और मेक्सिको से आने वाले सामान पर 25% और चीनी प्रोडक्ट्स पर 10% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले ने पूरी दुनिया के बाजारों को डरा दिया है कि कहीं ग्लोबल ट्रेड वॉर न छिड़ जाए। इसी डर से जापान के निक्केई और कोरिया के कोस्पी जैसे बड़े एशियाई बाजार 3% तक टूट गए, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ा।

2. इतिहास के सबसे निचले स्तर पर गिरा भारतीय रुपया

FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशकों) की लगातार बिकवाली के चलते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 87.29 के ऑल-टाइम लो ‘इतिहास के सबसे खराब स्तर’ पर पहुंच गया। रुपए की इस रिकॉर्ड कमजोरी ने विदेशी फंड्स को भारतीय बाजार से पैसा निकालने पर मजबूर कर दिया है। आपको बता दें कि अक्टूबर से लेकर अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से लगभग 2.7 लाख करोड़ रुपए निकाल चुके हैं।

3. IT और बैंकिंग सेक्टर्स में भारी बिकवाली

इस क्रैश में सबसे बड़ी मार आईटी और टेक कंपनियों पर पड़ी है। इसके साथ ही दिग्गज बैंकिंग शेयर जैसे HDFC Bank और ICICI Bank भी लाल निशान में आ गए। बाजार के सभी 30 मुख्य शेयर आज गिरावट के साथ ही ट्रेड करते दिखे।

रिटेल निवेशकों के लिए बड़ी चेतावनी

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि 7 फरवरी को होने वाली RBI की MPC “Monetary Policy Committee” मीटिंग और ग्लोबल अनिश्चितताओं के चलते मार्केट में अभी कुछ दिन और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में छोटे निवेशकों को बिना सोचे-समझे पैनिक सेलिंग से बचना चाहिए। 

news desk

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