भारत की मशहूर क्विक कॉमर्स स्टार्टअप कंपनी Zepto इन दिनों शेयर बाजार में कदम रखने IPO लाने की ज़ोर-शोर से तैयारी कर रही है। लेकिन इस बीच कंपनी से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ज़ेप्टो द्वारा मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास जमा किए गए नए ड्राफ्ट पेपर्स ‘UDRHP’ से खुलासा हुआ है कि इसी साल अप्रैल में ED ने कंपनी के दोनों युवा को-फाउंडर्स, आदित पालिचा और कैवल्य वोहरा को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था।
यह पूछताछ विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम ‘FEMA’ के नियमों के कथित उल्लंघन की जांच के सिलसिले में की गई थी।
डाक्यूमेंट्स के मुताबिक, ED ने 8 अप्रैल 2026 को दोनों फाउंडर्स को नोटिस भेजा था। जांच एजेंसी ने ज़ेप्टो से उनके विदेशी निवेश, शेयरहोल्डिंग पैटर्न, बिजनेस मॉडल, पिछले कुछ सालों की ऑडिटेड बैलेंस शीट और बैंक खातों से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी थी।
इस समन के बाद कैवल्य वोहरा अप्रैल में और आदित पालिचा अप्रैल और मई के दौरान ED के सामने पेश हुए और अपने बयान दर्ज कराए। कंपनी का कहना है कि उन्होंने मांगी गई सभी जानकारियां और दस्तावेज ED को सौंप दिए हैं और फिलहाल इस मामले में आगे कोई नया अपडेट नहीं आया है। नियमों के मुताबिक, कंपनी ने इस कानूनी प्रक्रिया को अपने IPO के ‘जोखिमों’ की सूची में शामिल किया है।
ED की इस पूछताछ के बावजूद ज़ेप्टो के बिजनेस और IPO की तैयारियों पर कोई ब्रेक नहीं लगा है। कंपनी बाजार से 9,500 करोड़ से 11,000 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बना रही है। यह भारतीय स्टार्टअप इतिहास के सबसे बड़े IPO में से एक होने जा रहा है।
कंपनी 8,010 करोड़ रुपए के नए शेयर जारी करेगी, जिसका इस्तेमाल बिजनेस को और बड़ा करने में होगा। पुराने इन्वेस्टर्स अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचेंगे। हालांकि, राहत की बात यह है कि दोनों फाउंडर्स इस IPO में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं।
IPO पेपर्स में ज़ेप्टो ने अपनी वित्तीय स्थिति का जो ब्योरा दिया है, वह काफी मजबूत नजर आ रहा है। क्विक कॉमर्स की बढ़ती दीवानगी के बीच कंपनी का परफॉरमेंस इस तरह रहा
Zepto की कमाई 75% की भारी बढ़त के साथ 7,498 करोड़ पर पहुंच गई है, जबकि कंपनी ने अपने घाटे को भी 1,832 करोड़ से घटाकर 1,539 करोड़ रुपए कर लिया है। वर्तमान में कंपनी देश भर में 1,139 डार्क स्टोर्स के मजबूत नेटवर्क के साथ रोजाना औसतन 23.3 लाख ऑर्डर्स की डिलीवरी कर रही है।
Zepto इस समय Blinkit और Instamart जैसे दिग्गजों को कड़ी टक्कर दे रही है। ED की जांच का सामने आना किसी भी कंपनी के लिए IPO से पहले एक संवेदनशील मामला होता है, लेकिन ज़ेप्टो ने पारदर्शी तरीके से इसे खुद ही दुनिया के सामने रख दिया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि SEBI इस IPO को कब हरी झंडी दिखाता है।
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