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राम मंदिर चढ़ावा चोरी में बड़ा खुलासा! प्लॉट, गाड़ियां और रिश्तेदारों तक पहुंचा पैसा, जांच में खुल रहीं नई परतें

अयोध्या: श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कथित वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े नए खुलासे सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों के शुरुआती आकलन में सामने आया है कि चोरी की गई रकम का इस्तेमाल केवल निजी खर्च तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीन खरीदने, वाहन लेने और रिश्तेदारों तक नकदी पहुंचाने में भी किया गया। पुलिस ने कई आरोपियों के ठिकानों पर कार्रवाई कर उनकी संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है।

चढ़ावे की रकम से बनाई गई संपत्ति, रिश्तेदारों के नाम भी निवेश

जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि लंबे समय से कथित तौर पर चढ़ावे की रकम में अनियमितता की जा रही थी। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कुछ आरोपियों ने अयोध्या और फैजाबाद क्षेत्र में प्लॉट खरीदे, जबकि कुछ ने खेती की जमीन में निवेश किया। कई मामलों में जमीन और संपत्ति करीबी रिश्तेदारों या परिचितों के नाम पर खरीदे जाने की बात भी सामने आई है ताकि पैसों की आवाजाही सीधे तौर पर दिखाई न दे।

बताया जा रहा है कि कुछ आरोपियों ने नकदी अपने परिजनों को दी और उनके कारोबार में भी धन लगाया। इन सभी लेनदेन की जांच अब विस्तृत स्तर पर की जा रही है।

दो से ढाई साल में बदली जीवनशैली ने बढ़ाया शक

जांच एजेंसियों के मुताबिक, मामले में नाम सामने आने वाले कई लोग पिछले दो से ढाई साल में ही मंदिर व्यवस्था से जुड़े थे। इतने कम समय में उनकी जीवनशैली में आए बदलाव ने भी संदेह को मजबूत किया। कुछ लोगों ने दोपहिया वाहन खरीदे, जबकि कुछ लग्जरी कारों तक पहुंच गए। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि उनकी आय और खर्च के बीच कितना अंतर था।

मुख्य आरोपी से जुड़े आर्थिक पहलुओं की भी जांच

मुख्य आरोपी बताए जा रहे रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पुराने और वर्तमान संसाधनों की भी जांच की जा रही है। परिवार की ओर से दावा किया गया है कि उनकी संपत्तियां मंदिर से जुड़ने से पहले की हैं और उनका कथित चोरी की रकम से कोई संबंध नहीं है। वहीं पुलिस अब आर्थिक दस्तावेजों और संपत्ति रिकॉर्ड की जांच के जरिए तथ्यों को जोड़ने में लगी है।

कुछ आरोपियों के घर और खर्च जांच के दायरे में

जांच के दौरान कुछ आरोपियों की हालिया संपत्तियों और खर्च के पैटर्न को भी खंगाला जा रहा है। कुछ इलाकों में हाल के वर्षों में खरीदे गए मकानों और खर्चों को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा रही थी। अब पुलिस इन तथ्यों का मिलान आर्थिक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों से कर रही है।

लक्जरी शौक और बढ़ता खर्च बना जांच का आधार

मामले में गिरफ्तार आरोपियों में ज्यादातर युवा बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद कम समय में खर्च और रहन-सहन में तेजी से बदलाव दिखाई दिया। महंगी गाड़ियां, बढ़ता खर्च और जीवनशैली में अचानक बदलाव भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।

पुलिस का दावा है कि अब तक मामले में कार्रवाई के दौरान बड़ी रकम बरामद की जा चुकी है। साथ ही फरार और जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है।

vineet verma

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