पटना। बिहार में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम भारत रत्न की सिफारिश करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है।
केसी त्यागी ने कहा कि नीतीश कुमार को भारत रत्न से सम्मानित करना बिहार और देश दोनों के लिए गर्व की बात होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री से उम्मीद जताई कि नीतीश कुमार के योगदान को देखते हुए यह फैसला सबको चौंका देगा।
हालांकि, जेडीयू ने केसी त्यागी के बयान से आधिकारिक तौर पर दूरी बना ली है। दूसरी तरफ, विपक्ष के नेता भी पीछे नहीं हैं। लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने कहा कि उनके पिता को भी भारत रत्न मिलना चाहिए।
इस बीच, बिहार की राजनीति में पक्ष-विपक्ष के नेता इस मुद्दे पर बयानबाजी में जुटे हुए हैं और दोनों दल अपने-अपने नेताओं के योगदान को सर्वोपरि साबित करने में लगे हैं।
चिराग पासवान ने नीतीश कुमार की भारत रत्न दावेदारी का किया समर्थन, जेडीयू ने केसी त्यागी से किया किनारा
पटना। भारत रत्न को लेकर बिहार में जारी विवाद में केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पक्ष में खुलकर समर्थन किया है। चिराग पासवान ने कहा कि पिछले दो दशकों में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने जो प्रगति की है, वह अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने कई सराहनीय कार्य किए हैं और वह इस सम्मान के पूरी तरह योग्य हैं।
वहीं, विपक्ष के नेता तेज प्रताप यादव ने कहा कि नीतीश कुमार और उनके पिता लालू यादव दोनों भाई-भाई की तरह हैं। तेज प्रताप ने कहा, “अगर नीतीश कुमार को भारत रत्न मिलता है, तो हमें खुशी होगी, लेकिन हमारे पिता का योगदान भी अतुलनीय है। दोनों को यह सम्मान मिलना चाहिए।”
इस बीच, जेडीयू ने केसी त्यागी की मांग से दूरी बना ली है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि केसी त्यागी के बयान पार्टी के आधिकारिक स्टैंड से मेल नहीं खाते। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बयान केवल उनकी व्यक्तिगत राय है और इसे जेडीयू का औपचारिक रुख नहीं समझा जाना चाहिए। राजीव रंजन ने यह भी कहा कि केसी त्यागी की पार्टी में स्थिति स्पष्ट नहीं है, इसलिए उनके बयानों को निजी क्षमता में दिए गए बयान के रूप में देखा जाना चाहिए।