कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज इंदौर पहुंचे, जहां उन्होंने भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों और बीमारियों से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। राहुल ने पहले बॉम्बे हॉस्पिटल जाकर इलाजरत मरीजों का हाल जाना और उनके परिजनों से बातचीत की, फिर प्रभावित इलाके का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए लापरवाही का आरोप लगाया।
दरअसल, दिसंबर 2025 के अंत में भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी की सप्लाई के चलते उल्टी-दस्त का गंभीर प्रकोप फैल गया था। सैकड़ों लोग बीमार पड़े और बड़ी संख्या में लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस हादसे में 23 से 24 लोगों की मौत हुई, जबकि राज्य सरकार का आंकड़ा 7 मौतों का है। मेडिकल ऑडिट में 15 मौतों को इस प्रकोप से जोड़ा गया है। करीब 430 मरीज अस्पताल पहुंचे, जिनमें कई की हालत अब भी नाजुक बताई जा रही है।
राहुल गांधी ने अस्पताल में मरीजों से मिलकर उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली और फिर भागीरथपुरा जाकर मृतकों के परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना दी और कांग्रेस की ओर से प्रत्येक मृतक परिवार को 1 लाख रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा। मीडिया से बातचीत में राहुल ने कहा कि विपक्ष के नेता के तौर पर प्रभावित लोगों की आवाज उठाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो सरकार खुद को “स्मार्ट सिटी” का मॉडल बताती है, वह लोगों को साफ पीने का पानी तक नहीं दे पा रही।
इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे सरकार के “शहरी मॉडल” की विफलता बताया, वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राहुल के दौरे को “राजनीतिक पर्यटन” करार दिया। उनका कहना है कि सरकार ने ऑडिट भी कराया है और मुआवजा भी दिया है। हालांकि, यह मामला इंदौर जैसे “सबसे साफ शहर” के दावे पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है और प्रभावित परिवार अब स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।