नई दिल्ली: 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन में शामिल रहे 2,873 ऐसे लोगों को पुलिस ने चिन्हित किया है, जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इन लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रही है, ताकि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो।
पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के अलावा दिल्ली की सीमाओं और संभावित प्रदर्शनकारियों की आवाजाही पर भी निगरानी बढ़ाने की तैयारी की है। छात्रों को भी प्रस्तावित प्रदर्शन से दूर रहने की अपील की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जुलाई में हुए प्रदर्शन के दौरान फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से ऐसे लोगों की पहचान की गई थी, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड बताया गया है। चिन्हित 2,873 लोगों में 989 लोग गंभीर अपराधों के आरोपी बताए गए हैं।
इनमें 101 लोग हत्या के मामलों में नामजद हैं, जबकि कम से कम 42 लोगों पर दो या उससे अधिक हत्याओं में शामिल होने के आरोप हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 25 लोग ऐसे भी थे जिन पर हत्या, हत्या के प्रयास, दुष्कर्म और बच्चों के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर आरोप हैं और जिनके उस समय जेल में होने की बात कही गई थी।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, जुलाई के प्रदर्शन में चिन्हित किए गए लोगों की गतिविधियों पर उनके स्थानीय थानों के जरिए नजर रखी जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी रहे लोगों में से कोई 10 अक्टूबर को दिल्ली या प्रदर्शन स्थल की ओर तो नहीं बढ़ रहा है।
पुलिस के मुताबिक, 10 अक्टूबर के प्रदर्शन की अनुमति अभी नहीं दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत उन लोगों की आवाजाही पर नजर रखने की तैयारी है, जिनसे पुलिस को कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है।
पुलिस ने आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों के अलावा छात्रों को लेकर भी निगरानी बढ़ाई है। अधिकारियों के मुताबिक, छात्रों को बताया जा रहा है कि नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। पुलिस के अनुसार, ऐसे में इलाके में किसी तरह का जमावड़ा या प्रदर्शन गैरकानूनी माना जाएगा।
छात्रों की बड़ी आबादी वाले इलाकों में रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के साथ होने वाली बैठकों में PG संचालकों को भी कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति की जानकारी देने और छात्रों को इसके बारे में सूचित करने के लिए कहा जा रहा है।
10 अक्टूबर के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली की सीमाओं पर भी सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। पुलिस की नजर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से दिल्ली में दाखिल होने वाले प्रमुख रास्तों पर रहेगी। अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश पर नजर रखी जाएगी।
उत्तर प्रदेश सीमा से पूर्वी दिल्ली और शाहदरा, हरियाणा सीमा से द्वारका और राजस्थान सीमा से दक्षिण-पश्चिम दिल्ली की तरफ आने वाले मार्गों पर विशेष निगरानी की तैयारी है। नई दिल्ली की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग और जांच भी की जा सकती है।
इस बीच CJP के सह-संयोजक सौरभ दास संसद मार्ग थाने पहुंचे और एक पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि संगठन को जंतर-मंतर के निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शन करने का अधिकार है।
बाद में सौरभ दास ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा के साथ प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। CJP और AISA ने लोगों से 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचने और अपने मुद्दों के समर्थन में एकजुट होने की अपील की है।
सौरभ दास ने कहा कि उन्होंने दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति नहीं मांगी है, बल्कि पुलिस को प्रदर्शन के बारे में सूचित किया है। प्रस्तावित प्रदर्शन विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है।
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