भारतीय क्रिकेट टीम में अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी ने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। करीब चार साल बाद टीम इंडिया में लौटे भुवनेश्वर को लेकर अब बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने अहम संकेत दिए हैं। उनके मुताबिक, टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण में अनुभव की जरूरत इस वापसी की एक बड़ी वजह हो सकती है। जसप्रीत बुमराह की सीमित उपलब्धता और युवा गेंदबाजों पर बढ़ती जिम्मेदारी के बीच भुवनेश्वर का अनुभव टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे टी20 मुकाबले से पहले सितांशु कोटक ने भुवनेश्वर की वापसी के सवाल पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड दौरे के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि जसप्रीत बुमराह फिलहाल बहुत ज्यादा क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं, जबकि टीम में कई युवा गेंदबाज मौजूद हैं।
कोटक के मुताबिक, युवा खिलाड़ियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और वे अच्छा प्रदर्शन भी कर रहे हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुभव की अपनी अहमियत होती है। ऐसे में गेंदबाजी आक्रमण में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी टीम को मुश्किल परिस्थितियों में मजबूती दे सकती है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज में जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी के बीच अर्शदीप सिंह तेज गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं, मयंक यादव और प्रिंस यादव जैसे युवा गेंदबाज भी टीम के विकल्पों में शामिल हैं।
युवा गेंदबाजों के पास गति और प्रतिभा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव के बीच सही रणनीति के साथ गेंदबाजी करना अनुभव से भी जुड़ा है। भुवनेश्वर कुमार की वापसी को इसी नजरिए से देखा जा रहा है। उनकी स्विंग गेंदबाजी, नियंत्रण और लंबे समय का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भारतीय गेंदबाजी इकाई के लिए अहम हो सकता है।
भुवनेश्वर कुमार की वापसी के पीछे उनका हालिया प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने पिछले दो आईपीएल सीजन में कुल 45 विकेट हासिल किए हैं। इस प्रदर्शन ने दिखाया है कि वह अब भी प्रभावी गेंदबाजी करने में सक्षम हैं।
भुवनेश्वर नई गेंद से स्विंग कराने के साथ-साथ डेथ ओवरों में भी अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हैं। टी20 क्रिकेट में उनका अनुभव युवा गेंदबाजों के लिए मार्गदर्शन का काम भी कर सकता है।
सितांशु कोटक ने मोहम्मद शमी की टीम में वापसी को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह चयनकर्ता नहीं हैं, इसलिए शमी के चयन पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं कर सकते। हालांकि, उन्होंने कहा कि शमी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और यदि चयनकर्ताओं को लगता है कि टीम को उनकी जरूरत है, तो उनके चयन पर विचार किया जा सकता है।
भुवनेश्वर कुमार ने नवंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला था। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज में उनकी वापसी की संभावना चर्चा में है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि अनुभवी तेज गेंदबाज को प्लेइंग इलेवन में कब मौका मिलता है और वह अपनी वापसी को किस तरह यादगार बनाते हैं।
भुवनेश्वर कुमार की वापसी सिर्फ एक अनुभवी गेंदबाज को टीम में शामिल करने का मामला नहीं है, बल्कि युवा तेज गेंदबाजों के बीच अनुभव और संतुलन कायम करने की कोशिश भी हो सकती है। हालांकि, अंतिम चयन और प्लेइंग इलेवन में उनकी भूमिका का फैसला टीम प्रबंधन ही करेगा।
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