वृंदावन। आगामी 3 मार्च 2026 को पड़ने वाले चंद्रग्रहण का असर अब ठाकुर बांके बिहारी मंदिर की दिनचर्या पर भी साफ दिखाई देगा। ग्रहण के चलते मंदिर की सेवा-आरती और दर्शन की टाइम-टेबल में अहम बदलाव कर दिए गए हैं। सूतक काल और धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन ने दर्शन के समय को सीमित रखने का फैसला लिया है।
ठाकुर बांके बिहारी मंदिर की हाई पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष और इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने जानकारी दी कि चंद्रग्रहण के दिन ठाकुर जी की राजभोग और शयनभोग सेवाएं विशेष निर्धारित कार्यक्रम के तहत संपन्न होंगी, ताकि सभी धार्मिक नियमों का पूरी तरह पालन किया जा सके।

सुबह की राजभोग सेवा में क्या बदलेगा?
ग्रहण को देखते हुए सुबह की सेवाओं के समय पर खास ध्यान दिया गया है। 3 मार्च को सेवायत सुबह 5:15 बजे निज मंदिर में प्रवेश करेंगे। भक्तों के लिए दर्शन के पट सुबह 6:15 बजे खोले जाएंगे। इसके बाद 6:25 बजे श्रृंगार आरती और 8:25 बजे राजभोग आरती होगी। आरती के तुरंत बाद 8:30 बजे छींटा देकर पट बंद कर दिए जाएंगे और सुबह 9:00 बजे तक सेवायत मंदिर से बाहर आ जाएंगे।

शाम की शयनभोग सेवा का नया शेड्यूल
शाम की सेवाओं के लिए भी समय तय कर दिया गया है। सेवायत शाम 7:00 बजे मंदिर में प्रवेश करेंगे। श्रद्धालु रात 8:00 बजे से ठाकुर जी के दर्शन कर सकेंगे। रात 9:55 बजे शयन आरती होगी और 10:00 बजे पट बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद 10:30 बजे तक मंदिर परिसर पूरी तरह खाली करा लिया जाएगा।
प्रशासन की अपील
होली नजदीक होने और चंद्रग्रहण के विशेष संयोग के कारण वृंदावन में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर प्रशासन और जिला पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। न्यायमूर्ति अशोक कुमार ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नई समय-सारिणी का पालन करें, शांति बनाए रखें और दर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों का सहयोग करें, ताकि सभी को सुचारू रूप से ठाकुर जी के दर्शन मिल सकें।