बदायूं CBG प्लांट डबल मर्डर
बदायूं (उत्तर प्रदेश), 13 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के कम्प्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट में हुए सनसनीखेज डबल मर्डर मामले में अब नया और बेहद भावुक मोड़ सामने आया है। मारे गए असिस्टेंट जनरल मैनेजर हर्षित मिश्रा की मां रानी देवी ने पोस्टमार्टम हाउस के बाहर फूट-फूटकर रोते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में मिलीभगत है और उनके बेटे की शिकायतों को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया।
रोते हुए उन्होंने कहा, “सब ठाकुर हैं… सब उनके ही आदमी हैं। मेरे बच्चे की बात किसी ने नहीं सुनी। वह बार-बार कह रहा था कि उसे जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, लेकिन पुलिस और कंपनी ने कोई कार्रवाई नहीं की।” रानी देवी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह बार-बार बेहोश होती भी नजर आ रही हैं।
प्लांट में घुसकर मारी ताबड़तोड़ गोलियां
गुरुवार दोपहर बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी गांव स्थित HPCL के CBG प्लांट में ठेकेदार अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू सिंह अचानक प्लांट के अंदर घुस गया। बताया जा रहा है कि उसने प्लांट की एक गाड़ी लूटकर परिसर में प्रवेश किया और सीधे अधिकारियों के ऑफिस की ओर पहुंच गया।
वहां पहुंचते ही उसने डिप्टी जनरल मैनेजर सुधीर गुप्ता (55) और असिस्टेंट जनरल मैनेजर हर्षित मिश्रा पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। दोनों अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी को कुछ समय पहले नौकरी से निकाला गया था और उसी रंजिश में उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
पहले से मिली थीं धमकियां, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
इस पूरे मामले में पुलिस की लापरवाही भी सवालों के घेरे में आ गई है। दरअसल करीब एक महीने पहले, 4 फरवरी को, मृतक सुधीर गुप्ता ने मूसाझाग थाने में अजय प्रताप सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। शिकायत में साफ तौर पर जान से मारने की धमकियों का जिक्र किया गया था, लेकिन पुलिस ने उस पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की।
वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी को रात में मुठभेड़ के दौरान घायल हालत में गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान उसके दोनों पैरों में गोली लगी। पूछताछ में उसने हत्या की जिम्मेदारी भी स्वीकार कर ली है। मामले में लापरवाही सामने आने के बाद मूसाझाग थाना प्रभारी अजय कुमार और हल्का प्रभारी एसआई धर्मेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है।
इधर मृतक हर्षित मिश्रा के पिता सुशील कुमार मिश्रा ने भी HPCL के एक वरिष्ठ अधिकारी पर साजिश का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके बेटे और सुधीर गुप्ता दोनों ने पहले ही खतरे की जानकारी दी थी, लेकिन उन्हें कोई सुरक्षा नहीं दी गई। बताया जा रहा है कि डर के चलते सुधीर गुप्ता ने VRS यानी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति तक की मांग कर दी थी।
अब इस मामले में जातीय एंगल भी सामने आने लगा है, क्योंकि मृतक की मां के आरोपों के बाद स्थानीय स्तर पर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है, वहीं HPCL ने भी अपनी आंतरिक जांच शुरू कर दी है। फिलहाल परिवार और स्थानीय लोग आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहे हैं।
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