मुंबई: देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बहुप्रतीक्षित आईपीओ आज यानी 17 सितंबर से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। करीब ₹22,569 करोड़ का यह मेगा इश्यू 21 सितंबर को बंद होगा। शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर तक होने की उम्मीद है, जबकि NSE के शेयरों की लिस्टिंग 24 सितंबर को प्रस्तावित है। इस आईपीओ के प्राइस बैंड, वैल्यूएशन, ग्रे मार्केट डिमांड और बाजार विशेषज्ञों की राय को समझना निवेशकों के लिए अहम होगा।
NSE ने आईपीओ के लिए प्रति शेयर ₹1,700 से ₹1,785 का प्राइस बैंड तय किया है। अपर प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी का कुल वैल्यूएशन करीब ₹4.42 लाख करोड़ आंका जा रहा है।
यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल यानी OFS है। इश्यू के आकार की बात करें तो 2024 में हुंदई मोटर इंडिया के ₹27,870 करोड़ के आईपीओ के बाद NSE का इश्यू देश का दूसरा सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बनने जा रहा है।
सार्वजनिक सब्सक्रिप्शन शुरू होने से पहले NSE ने एंकर निवेशकों के जरिए ₹6,746 करोड़ जुटा लिए हैं। इस एंकर राउंड में देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी LIC सबसे बड़ी निवेशक के तौर पर सामने आई है।
इसके अलावा गवर्नमेंट पेंशन फंड ग्लोबल, सिंगापुर की मॉनेटरी अथॉरिटी, फिडेलिटी, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA), निप्पॉन लाइफ और HDFC लाइफ इंश्योरेंस जैसे बड़े संस्थागत निवेशकों ने भी इश्यू में हिस्सा लिया है।
NSE के आंकड़ों के मुताबिक एक्सचेंज पर लिस्टेड कंपनियों की संख्या लगातार बढ़ी है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में यह संख्या बढ़कर 3,005 हो गई, जबकि वित्त वर्ष 2026 के अंत में 2,978 और वित्त वर्ष 2025 में 2,719 कंपनियां सूचीबद्ध थीं।
लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप भी बढ़कर ₹474 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। वहीं, ग्रे मार्केट गतिविधियों पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक NSE के शेयरों को लेकर मजबूत मांग देखने को मिली है।
मेगा आईपीओ को लेकर ब्रोकरेज हाउस और बाजार विशेषज्ञों की राय एक जैसी नहीं है। रेलिगेयर ने NSE के आईपीओ को ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है और इससे जुड़े कुछ जोखिमों की ओर ध्यान दिलाया है।
रेलिगेयर के मुताबिक ट्रांजेक्शन वॉल्यूम में गिरावट का असर NSE की आमदनी पर पड़ सकता है। हालांकि, ब्रोकरेज ने भारतीय बाजार में NSE की मजबूत स्थिति और उसके भरोसेमंद ब्रांड को भी अहम ताकत माना है।
वहीं, स्वस्तिका ने अपनी आईपीओ रिपोर्ट में निवेशकों को इस इश्यू को ‘सब्सक्राइब’ करने की सलाह दी है। रिपोर्ट के मुताबिक कैश मार्केट में करीब 93 प्रतिशत और इक्विटी फ्यूचर्स में करीब 99.8 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ NSE अपने क्षेत्र में बेहद मजबूत स्थिति में है।
ऐसे में NSE IPO में निवेश पर फैसला लेने से पहले निवेशकों के लिए इश्यू का वैल्यूएशन, अपनी जोखिम क्षमता, बाजार की स्थिति और अलग-अलग ब्रोकरेज रिपोर्ट में बताए गए जोखिमों को ध्यान से देखना जरूरी होगा।
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