बहुजन समाज पार्टी (BSP) से बाहर किए जाने के करीब तीन हफ्ते बाद आकाश आनंद ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। आकाश आनंद ने पार्टी प्रमुख मायावती से माफी मांगते हुए कहा कि वह बीएसपी छोड़कर किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहे हैं। उन्होंने बीएसपी को अपना परिवार बताते हुए मायावती के नेतृत्व में दोबारा पार्टी और मिशन की सेवा करने का मौका मांगा है।
आकाश आनंद ने अपने संदेश में मायावती को संबोधित करते हुए कहा कि वह उनके लिए बुआ मां हैं और बीएसपी उनका परिवार है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी छोड़कर कहीं नहीं जा सकते। आकाश के मुताबिक, वह अपने काम और मेहनत के जरिए मायावती का विश्वास दोबारा हासिल करने की कोशिश करेंगे।
आकाश आनंद ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और मेनस्ट्रीम मीडिया में उनके किसी दूसरे राजनीतिक दल में जाने की चर्चाएं चल रही हैं। उन्होंने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि बीएसपी उनका परिवार है और वह किसी अन्य दल में शामिल नहीं होने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वह मायावती के नेतृत्व में दोबारा पार्टी और बहुजन मिशन के लिए काम करना चाहते हैं। आकाश ने यह भी कहा कि विश्वास सिर्फ शब्दों से नहीं, बल्कि आचरण और मेहनत से हासिल किया जाता है।
आकाश आनंद ने सोशल मीडिया से अपनी दूरी को लेकर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि मायावती की ओर से किए गए एक पोस्ट को वह उस समय रिपोस्ट नहीं कर पाए, क्योंकि वह सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे।
आकाश ने कहा कि उनकी इस चुप्पी को गलत समझा गया और इससे अफवाहों को जगह मिली। उन्होंने कहा कि अगर उनकी इस वजह से मायावती को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए उनसे माफी मांगते हैं।
आकाश आनंद ने अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ को बीएसपी से बाहर किए जाने के मायावती के फैसले को भी सही बताया। उन्होंने कहा कि वह इस फैसले के समर्थन में हैं।
दरअसल, 10 सितंबर 2026 को मायावती ने आकाश आनंद को बीएसपी से पूरी तरह अलग किए जाने की घोषणा की थी। इससे पहले 3 सितंबर को उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पद की जिम्मेदारी से हटा दिया गया था। यह घटनाक्रम अशोक सिद्धार्थ के सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा के बाद सामने आया था।
आकाश आनंद को पार्टी से अलग करने के बाद मायावती ने उनके छोटे भाई ईशान आनंद को संगठन में जिम्मेदारी दी। इस घटनाक्रम के बीच आकाश आनंद का नया बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने साफ तौर पर बीएसपी में बने रहने और दोबारा पार्टी के लिए काम करने की इच्छा जताई है।
हालांकि, आकाश आनंद के इस बयान के बाद बीएसपी नेतृत्व की ओर से उनकी वापसी को लेकर कोई नया आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। आकाश आनंद के बयान से उनके रुख को लेकर तस्वीर साफ होती है कि वह बीएसपी छोड़कर किसी दूसरे दल में जाने की बात से इनकार कर रहे हैं और मायावती का विश्वास दोबारा हासिल करने की इच्छा जता रहे हैं। अब नजर इस बात पर है कि बीएसपी प्रमुख मायावती उनके इस सार्वजनिक संदेश पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं।
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