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कभी अमेरिकी जेल में रही अन्ना चैपमैन अब रूस के ‘स्पाई म्यूजियम’ की बनीं मुखिया — क्या पुतिन ने फिर रचा कोई खुफिया दांव?

मॉस्को : कभी अमेरिका में गिरफ्तारी के बाद वैश्विक सुर्खियों में छा चुकी रूसी जासूस अन्ना चैपमैन एक बार फिर चर्चा में हैं. अब अन्ना रोमानोवा के नाम से जानी जाने वाली चैपमैन को मॉस्को में नवस्थापित म्यूजियम ऑफ रशियन इंटेलिजेंस’ की प्रमुख नियुक्त किया गया है. यह म्यूजियम रूस की विदेशी खुफिया एजेंसी SVR (पूर्व में KGB) से जुड़ा है और इसका उद्देश्य सोवियत युग से लेकर आधुनिक जासूसी उपलब्धियों तक की कहानियों को सामने लाना है.

जासूसी से ग्लैमर तक का सफर

1982 में वोल्गोग्राड में जन्मी अन्ना का परिवार खुफिया दुनिया से गहराई से जुड़ा था. उनके पिता KGB अधिकारी थे और इसी माहौल में पली-बढ़ी अन्ना ने छोटी उम्र से रहस्यों की दुनिया को करीब से देखा. लंदन में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात ब्रिटिश युवक एलेक्स चैपमैन से हुई और शादी के बाद उन्होंने ब्रिटिश नागरिकता भी हासिल की. इसी बीच SVR ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें खुफिया मिशनों में शामिल कर लिया.

अन्ना चैपमैन

अमेरिका में गुप्त मिशन और गिरफ्तारी

2009 में अन्ना न्यूयॉर्क में “प्रॉपर्टीफाइंडर LLC” की सीईओ बनीं, पर यह उनकी जासूसी गतिविधियों का मुखौटा था. वह अमेरिकी समाज में घुलमिलकर खुफिया जानकारी जुटा रही थीं, लेकिन FBI ने “ऑपरेशन घोस्ट स्टोरीज” के तहत उन्हें पकड़ लिया. 2010 में गिरफ्तारी के बाद उन्हें रूस के साथ जासूसों की अदला-बदली में रिहा कर दिया गया.

रूस में सेलिब्रिटी और अब नई भूमिका

वापसी के बाद अन्ना रूस में सुपरस्टार बन गईं — टीवी शो होस्ट किया, मॉडलिंग की और राजनीतिक मंचों पर भी सक्रिय रहीं. अब म्यूजियम ऑफ रशियन इंटेलिजेंस’ की प्रमुख के रूप में उनकी नियुक्ति रूस की खुफिया परंपरा को नए तरीके से प्रस्तुत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.

43 वर्षीय चैपमैन आज रूस के लिए केवल एक पूर्व जासूस नहीं, बल्कि रूस के राष्ट्रीय गौरव, रहस्य और शक्ति की प्रतीक बन चुकी हैं.

news desk

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