आंध्र प्रदेश में कार्तिक मास की पवित्र देवउठनी एकादशी का पर्व इस साल 9 घरों में मातम लेकर आया. श्रीकाकुलम जिले के प्रसिद्ध काशी बुग्गा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भीषण भगदड़ मच गई, जिसमें 9 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 15 से अधिक लोग घायल हैं. यह हादसा केवल भीड़ नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन की लापरवाही भी है.
बुग्गा वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर मंदिर दक्षिण भारत के सबसे बड़े तीर्थ तिरुपति मंदिर की हूबहू प्रतिरूप माना जाता है. एकादशी के दिन पुण्य कमाने की अटूट आस्था ने भक्तों का सैलाब ला दिया, जिसके बाद सुरक्षा के तमाम इंतजाम नाकाफी हो गए.
इस हादसे में स्थानीय प्रशासन की लापरवाही सामने आई. मंदिर में प्रवेश और निकलने के लिए अलग मार्ग नहीं थे, जिसके चलते भक्तों की कतारें एक ही बिंदु पर आकर टकराईं, जिससे दम घुटने और कुचले जाने की स्थिति पैदा हुई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि हर त्योहार पर दोहराई जा रही इन त्रासदियों के लिए ज़िम्मेदारी कौन लेगा?
घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया है और राज्य सरकार ने मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा भी कर दी है.