तकनीकी क्रांति के नाम पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर अरबों डॉलर लुटा रही टेक दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के गलियारों से एक ऐसी खबर आई है, जिसने 2 लाख से ज्यादा कर्मचारियों की धड़कनों को बढ़ा दिया है। AI की नई तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में हुए भारी-भरकम खर्च की भरपाई के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने अपने करीब 60,000 कर्मचारियों के सामने ‘वॉलंटरी एग्जिट ऑफर’ (VEO) यानी स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने का एक बड़ा प्रस्ताव रख दिया है। कंपनी इसके बदले ग्रेड के आधार पर 1 साल तक की बेसिक सैलरी एकमुश्त देने का लालच दे रही है। लेकिन असली सस्पेंस और डर यह है कि अगर कर्मचारियों ने खुद से नौकरी नहीं छोड़ी, तो क्या कंपनी आने वाले दिनों में बिना किसी बड़े पैकेज के जबरन छंटनी की कुल्हाड़ी चलाएगी?
माइक्रोसॉफ्ट की यह स्कीम भारत, अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन में लेवल 70 या उससे नीचे के पद पर तैनात कर्मचारियों के लिए है।
सुरक्षित पद: लेवल 70 से ऊपर के सीनियर पदों (जैसे सीनियर डायरेक्टर आदि) पर यह छंटनी/ऑफर लागू नहीं होगा।
प्रभावित पद: शुरुआती पद (लेवल 59) से लेकर मिड-लेवल और सीनियर मैनेजर्स (जैसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर, प्रोजेक्ट मैनेजर, टीम लीडर) इसमें शामिल हैं।
समय सीमा: एलिजिबल कर्मचारियों को अगले कुछ घंटों में ईमेल भेजा जाएगा और उन्हें 1 दिसंबर तक इस पर अपना फैसला लेना होगा।
लेवल 64 और उससे नीचे: हर 6 महीने के काम के बदले 1 हफ्ते की बेसिक सैलरी (अधिकतम 39 हफ्तों तक)।
लेवल 65 से 67: हर 6 महीने के काम के बदले 2 हफ्ते की बेसिक सैलरी (अधिकतम 39 हफ्तों तक)।
लेवल 68: पूरे 12 महीने (1 साल) की सैलरी का एकमुश्त पैकेज।
अतिरिक्त फायदे: लेवल 67 और उससे नीचे के कर्मचारियों को उनकी सर्विस के हिसाब से 6 से 12 महीने तक शेयर्स (Stocks) का फायदा और तय समय तक मेडिकल इंश्योरेंस मिलता रहेगा।
जो कर्मचारी ऑफर नहीं चुनेंगे, वे अपनी मौजूदा भूमिकाओं में काम करते रहेंगे या कंपनी उन्हें दूसरी टीम/प्रोजेक्ट में शिफ्ट कर सकती है। हालांकि, यदि वॉलंटरी ऑफर से कंपनी का खर्च घटाने का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ, तो आने वाले समय में जबरन छंटनी (Involuntary Layoffs) का कदम उठाया जा सकता है। जबरन निकाले जाने पर कर्मचारियों को इतना बड़ा फाइनेंशियल पैकेज नहीं मिलेगा।
माइक्रोसॉफ्ट की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और चीफ पीपल ऑफिसर एमी कोलमैन ने कहा:
“वॉलंटरी एग्जिट ऑफर हमारे लिए एक नया अनुभव है और हम इससे बहुत कुछ सीखेंगे। हमारा ध्यान इस बात पर रहेगा कि लोग अपने सबसे जरूरी काम पर फोकस कर सकें, नई चीजें सीखें और जहां संभव हो, माइक्रोसॉफ्ट के अंदर ही नए मौकों की तलाश करें। हर टीम या कर्मचारी के लिए एक ही नियम लागू नहीं हो सकता। मेरा वादा है कि मैं आगे भी आपसे सब बातें साफ-साफ बताती रहूंगी।”
यह पहली बार नहीं है जब कंपनी ने यह रुख अपनाया है। इससे पहले जुलाई में भी माइक्रोसॉफ्ट ने तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के साथ तालमेल बिठाने के लिए अपने 4,800 कर्मचारियों (कुल स्टाफ का लगभग 2.1%) को नौकरी से निकाल दिया था। उस वक्त कंपनी ने 4,000 से ज्यादा लोगों को दूसरी टीमों में शिफ्ट करके और वॉलंटरी रिटायरमेंट देकर नुकसान कम करने की कोशिश की थी।
फुटबॉल जगत के सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक 'बैलन डी’ओर' (Ballon d'Or) अवार्ड को लेकर इस…
साल 2026 अपने आखिरी पड़ाव पर पहुँचने वाला है और साल का सबसे व्यस्त और…
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने, पशुपालन को प्रोत्साहित करने, कर्मचारियों को बेहतर…
नई दिल्ल। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रस्तावित आंदोलन को…
बिग बॉस (Bigg Boss) के घर में इन दिनों पंजाबी एक्ट्रेस लव गिल (Love Gill)…
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, औद्योगिक विकास और परिवहन से जुड़ी कई अहम योजनाओं…