नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अमेरिका की सैन्य रणनीति पर अपना रुख स्पष्ट किया है। ट्रंप ने ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका वहां अपनी जमीनी सेना भेजने के पक्ष में भी नहीं है। एक अमेरिकी समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु सैन्य क्षमता है, जबकि रूस और चीन इसके बाद आते हैं। हालांकि, ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने की कोई जरूरत नहीं है।
परमाणु हमले की चर्चाओं और मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स (एमओएबी) के संभावित इस्तेमाल को लेकर पूछे गए सवालों पर ट्रंप ने स्पष्ट किया कि एमओएबी परमाणु या सामरिक परमाणु हथियार नहीं है। यह एक बेहद शक्तिशाली पारंपरिक बम है, जिसका विनाशकारी प्रभाव बहुत व्यापक हो सकता है, लेकिन इसमें परमाणु तत्वों का इस्तेमाल नहीं होता।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास अत्याधुनिक सैन्य क्षमताएं हैं। ऐसे में ईरान के साथ संघर्ष की स्थिति में परमाणु विकल्प अपनाने की कोई मजबूरी नहीं है। उन्होंने ईरान में अमेरिकी सैनिकों को जमीन पर उतारने की जरूरत से भी इनकार किया।
इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने रूस के ऊर्जा ढांचे पर यूक्रेन के हमलों की भी आलोचना की। उन्होंने खास तौर पर डीजल रिफाइनरियों को निशाना बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना कदम बताया।
ट्रंप के मुताबिक, वैश्विक अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा डीजल ईंधन पर निर्भर है। ऐसे में ऊर्जा उत्पादन से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाने से दुनिया को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले यूक्रेन के नेतृत्व की ओर से वैश्विक हित में उठाया गया कदम नहीं हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के कार्यकाल पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने कहा कि युद्ध का समाधान निकालने के लिए अब यूक्रेन में चुनाव कराने का समय आ गया है। उन्होंने दावा किया कि आम लोग युद्ध और तबाही से थक चुके हैं। परिवार बिखर गए हैं और मिसाइल हमलों के कारण लोगों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
ट्रंप ने रूस और यूक्रेन की सैन्य ताकत की तुलना करते हुए कहा कि रूस एक बड़ा देश है और भारी संख्या में सैनिकों के मारे जाने के बावजूद वह नए सैनिकों को युद्ध के मैदान में उतार सकता है। उनके मुताबिक, यूक्रेन के पास इतनी बड़ी क्षमता नहीं है।
अमेरिका की ओर से यूक्रेन को आधुनिक सैन्य उपकरण दिए जाने का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि शांति की दिशा में आगे बढ़ने के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया और चुनाव महत्वपूर्ण हैं। उनके बयान से साफ है कि वह यूक्रेन युद्ध के समाधान के लिए राजनीतिक प्रक्रिया पर जोर दे रहे हैं।
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