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अमेज़न में फिर छंटनी की आहट ?  एआई और ऑटोमेशन का असर, कॉर्पोरेट लेवल पर 30,000 तक नौकरियां कम होने के आसार

अमेज़न में एक बार फिर बड़ी छंटनी की तैयारी की खबर सामने आते ही कर्मचारियों की चिंता बढ़ गई है। ई-कॉमर्स और क्लाउड कंप्यूटिंग की दिग्गज कंपनी वैश्विक स्तर पर करीब 16,000 नौकरियां खत्म करने की योजना पर काम कर रही है। यह कटौती कॉर्पोरेट और टेक्नोलॉजी टीमों में होने वाली है। पिछले साल अक्टूबर 2025 में 14,000 पद पहले ही खत्म किए जा चुके हैं, ऐसे में कुल मिलाकर अमेज़न में कॉर्पोरेट लेवल पर लगभग 30,000 नौकरियां कम हो सकती हैं।

एआई और ऑटोमेशन से बदल रहा वर्कफोर्स

कंपनी के सीईओ एंडी जेसी पहले ही संकेत दे चुके हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल से आने वाले समय में वर्कफोर्स का आकार छोटा होगा। अमेज़न का कहना है कि यह फैसला सिर्फ खर्च घटाने के लिए नहीं, बल्कि “ब्यूरोक्रेसी कम करने और संगठन को ज्यादा चुस्त-दुरुस्त बनाने” के मकसद से लिया जा रहा है। हालांकि टेक इंडस्ट्री में इसे एआई की वजह से बढ़ी प्रोडक्टिविटी से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

इस दौर की छंटनी का असर AWS, प्राइम वीडियो, रिटेल ऑपरेशंस, ह्यूमन रिसोर्सेज (PXT), एनालिटिक्स, एडवरटाइजिंग और इंटरनल ऑपरेशंस जैसी टीमों पर पड़ सकता है। भारत में बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई के कॉर्पोरेट ऑफिस भी इससे अछूते नहीं रह सकते।

सेवरेंस पैकेज पर टिकी कर्मचारियों की नजर

सेवरेंस पैकेज को लेकर फिलहाल कंपनी ने कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन पिछले अनुभवों के आधार पर कर्मचारियों को 90 दिनों की पूरी सैलरी और बेनिफिट्स मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा अलग से सेवरेंस अमाउंट, हेल्थ कवरेज की निरंतरता, अर्जित छुट्टियों का भुगतान और करियर सपोर्ट जैसे स्किल ट्रेनिंग व जॉब प्लेसमेंट की मदद भी दी जा सकती है। आमतौर पर यह पैकेज कर्मचारी के टेन्योर, लोकेशन और रोल के हिसाब से तय किया जाता है।

फिलहाल कर्मचारी साफ जानकारी, हेल्थ इंश्योरेंस और करियर ट्रांजिशन सपोर्ट को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अमेज़न का कहना है कि यह फैसला आसान नहीं था और कंपनी प्रभावित कर्मचारियों का पूरा समर्थन करेगी। साथ ही, एआई और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जारी रहने से भविष्य में नई स्किल्स वाली भर्तियों की संभावना भी बनी रह सकती है। यह छंटनी 2025-26 के दौरान टेक इंडस्ट्री में चल रहे बड़े रिस्ट्रक्चरिंग ट्रेंड का हिस्सा मानी जा रही है।

news desk

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