नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकते हैं। इसे देखते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 221 कंपनियां यानी करीब 23,000 जवान तैनात किए जा रहे हैं। महिला अर्धसैनिक कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती, सीमावर्ती चौकियों पर निगरानी और दो दिन शराब की दुकानें बंद रखने जैसे कदम भी उठाए गए हैं।
दिल्ली पुलिस की खुफिया इकाई के आकलन के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान शहर में 50,000 से अधिक लोग जुट सकते हैं। पुलिस का प्रयास है कि प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर और मध्य दिल्ली के संवेदनशील इलाकों तक पहुंचने से रोका जाए। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा का व्यापक इंतजाम किया है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर संयुक्त प्रदर्शन का आह्वान किया है। इसमें कई विपक्षी दलों के भी शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। दूसरी ओर, विपक्ष ने गुरुवार को कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उसका विरोध जारी रहेगा।
दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नई दिल्ली जिले में 10 अक्टूबर को किसी भी तरह का जमावड़ा गैरकानूनी होगा। छात्रों को भी इस संबंध में सूचित करने की कोशिश की जा रही है।
गृह मंत्रालय ने 8 से 12 अक्टूबर तक दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 221 कंपनियां उपलब्ध कराई हैं। इनमें करीब 23,000 कर्मी शामिल हैं। जम्मू-कश्मीर, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से भी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की कंपनियां बुलाई जा रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इन बलों की मदद से प्रदर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने, महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों की सुरक्षा करने और मध्य दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी है। महिला प्रदर्शनकारियों की संभावित बड़ी संख्या को देखते हुए 450 से 500 अतिरिक्त महिला अर्धसैनिक कर्मियों को भी तैनात किया जाएगा। इसके बाद तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों की कुल संख्या करीब 26,000 तक पहुंच सकती है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पिछले प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुई थीं। बीते कुछ दिनों से जारी विरोध प्रदर्शनों में भी महिला प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी को देखते हुए शनिवार के लिए अतिरिक्त महिला कर्मियों की व्यवस्था की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत नई दिल्ली जिले में फिलहाल करीब 5,000 दिल्ली पुलिसकर्मी तैनात हैं। अधिकारियों के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर यह संख्या बढ़ाकर 15,000 तक की जा सकती है।
जंतर-मंतर और संसद की ओर जाने वाली सड़कों पर बहुस्तरीय बैरिकेड लगाए जा रहे हैं। राजघाट पर भी निषेधाज्ञा लागू की गई है। पुलिस का ध्यान उन रास्तों पर भी है, जहां से प्रदर्शनकारी संवेदनशील इलाकों की ओर बढ़ सकते हैं।
प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था संबंधी परेशानी से बचने के लिए पुलिस ने आबकारी विभाग को पत्र लिखकर शराब की दुकानों को शुक्रवार और शनिवार को बंद रखने का अनुरोध किया है। इसके अलावा, मध्य दिल्ली के होटलों को कमरों की बुकिंग सीमित करने के लिए भी कहा गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली की सीमावर्ती चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस शनिवार से पहले राजधानी में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे लोगों के बड़े समूहों पर भी नजर रखेगी।
अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के बाद किसी विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने के लिए यह राजधानी में केंद्रीय बलों की सबसे बड़ी तैनातियों में से एक है। पुलिस और प्रशासन का जोर भीड़ को नियंत्रित रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा करने और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने पर है।
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