अखिलेश यादव LPG संकट बयान
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी की नीतियों ने देश को आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर कर दिया है। अखिलेश ने खास तौर पर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत में सामने आ रहे एलपीजी संकट को लेकर सरकार को घेरा और इसे प्रशासनिक नाकामी बताया।
अखिलेश यादव ने कहा कि अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे भारत की रसोई तक पहुंच गया है। उनके मुताबिक कई जगह गैस सिलेंडर की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है, जिससे आम लोग परेशान हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “हालात ऐसे हो गए हैं कि लोग फिर से लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हो रहे हैं। कई जगह शादियों में लोग मजाक में कह रहे हैं कि सलाद खाकर ही काम चलाना पड़ेगा।” अखिलेश ने कहा कि अगर यही स्थिति दो हफ्ते और चली तो लोगों को पुराने जमाने की व्यवस्था यानी कंडे और लकड़ी पर लौटना पड़ सकता है।
एलपीजी संकट को बताया प्रशासनिक विफलता
सपा अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को पहले से हालात का अंदाजा लगाकर तैयारी करनी चाहिए थी। लेकिन सरकार की लापरवाही के कारण अब आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “बीजेपी सरकार ने देश को आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह से कमजोर किया है। उत्तर प्रदेश में प्रशासन ठीक से काम नहीं कर रहा है और लोग गैस के लिए तरस रहे हैं।”
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कई तरह के संकट हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर खुलकर बात करने से बच रही है। उनके मुताबिक जनता की रोजमर्रा की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय सरकार सिर्फ प्रचार में व्यस्त है।
“फेक संतों” के मुद्दे पर भी बोले अखिलेश
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने “फेक संतों” के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे लोगों पर रोक लगनी चाहिए जो संत होने का दावा करके लोगों को गुमराह करते हैं। हाल ही में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात के बाद भी उन्होंने इस मुद्दे पर बयान दिया था।
इसके साथ ही अखिलेश ने बीजेपी पर समाज में विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को मिलकर इसके खिलाफ आवाज उठानी होगी। सपा प्रमुख ने यह भी दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को उत्तर प्रदेश से सत्ता से बाहर कर दिया जाएगा।
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के बयान को “जनता की आवाज” बताया है। वहीं सत्ताधारी दल के नेताओं ने इसे सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी और ध्यान खींचने की कोशिश करार दिया है। फिलहाल प्रदेश की राजनीति में इस बयान को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
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