अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज ‘ख़ज़ांची’ का जन्मदिन मनाकर एक ज़ोरदार राजनीतिक हमला किया. इस मौके का इस्तेमाल उन्होंने न सिर्फ़ बीजेपी की नोटबंदी नीति को कटघरे में खड़ा करने के लिए किया, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार पर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का भी गंभीर आरोप लगाया.
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से ख़ज़ांची को उपहार और पैसे दिलवाए और संकल्प लिया कि वो ‘तब तक ख़ज़ांची का जन्मदिन मनाएंगे जब तक बीजेपी की सरकार रहेगी’. ‘ख़ज़ांची’ का जन्म नोटबंदी के दौरान बैंक की लाइन में लगी उसकी माँ ने दिया था, जिसके चलते वो वर्षों से सपा अध्यक्ष के लिए बीजेपी विरोधी नीतियों का एक प्रमुख राजनीतिक प्रतीक बना हुआ है.
बीजेपी पर अखिलेश के 5 सबसे तीखे वार
प्रेस वार्ता में, अखिलेश यादव ने बीजेपी की शासन व्यवस्था और नीतियों पर एक के बाद एक कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि बीजेपी सरकार सोना इकट्ठा कर रही है, जबकि देश में बेरोज़गारी चरम पर है और अर्थव्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है.
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि ‘चुनाव आयोग में एक भी PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) परिवार का व्यक्ति नहीं है.’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 427 दिन पहले से बेईमानी शुरू हो गई है, और ERO (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) में भी PDA समुदाय का कोई सदस्य नहीं है.
उन्होंने आगे कहा कि यह बड़ी ज़िम्मेदारी लोकतंत्र और संविधान बचाने की है, और सभी राजनीतिक ताक़तों को एकजुट होकर इसका सामना करने की ज़रूरत है.
अखिलेश यादव ने अयोध्या की वोटर लिस्ट की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि ‘एक भी नाम साफ़ नहीं है’. इसके बाद उन्होंने सवाल किया की, सोचिए तब और जगह क्या हालत होगी.
उन्होंने BJP पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ‘बीजेपी सरकार गाँजा बेच रही है’ और ‘ख़ासी की दवा कोरेक्स का प्रयोग नशे के लिए हो रहा है’.
स्वास्थ्य सेवाएँ, आधार कार्ड और 2027 की तैयारी
अखिलेश यादव ने सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रशासनिक विफलता को लेकर भी BJP सरकार को घेरा. उन्होंने पूछा कि 80 मेडिकल कॉलेज खुलने के बावजूद लोग कैंसर का इलाज क्यों नहीं करा पा रहे हैं. आगे अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकारी हॉस्पिटल बर्बाद किए जा रहे हैं और बीजेपी के लोग प्राइवेट अस्पतालों को बढ़ावा दे रहे हैं.
अखिलेश ने अपनी सरकार द्वारा बनाए गए रसूलबाद CHC में अब तक लिफ्ट न लगने का उदाहरण दिया. आगे अखिलेश यादव ने घोषणा की कि वह आधार कार्ड को मान्य कराने के लिए न्यायालय जाएँगे, क्योंकि सरकार अपने ही कागज़ात को नहीं मान रही है.
सपा अध्यक्ष ने अपनी राजनीतिक प्राथमिकता स्पष्ट करते हुए कहा, ‘2027 का चुनाव हमारे लिए प्राथमिकता है’. और उन्होंने आखरी में इस बात ज़ोर दिया कि ‘सभी को न्याय तभी मिलेगा जब बीजेपी यहाँ से हटेगी.’
काफी समय से कोविड संक्रमण को लेकर स्थिति शांत मानी जा रही थी। लोग बिना…
यूरोपीय देश Sweden से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने वहां की…
महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर ही रणनीतिक खींचतान देखने को…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले Bharatiya Janata Party (BJP) ने बड़ा सियासी दांव खेलते…
अशोक खरात को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। उसकी गंदी हरकतों से जुड़े…
बिहार के नालंदा जिले में स्थित शीतला माता मंदिर में मंगलवार को उस वक्त बड़ा…