NCR में गहराया प्रदूषण
नई दिल्ली: दीवाली के उत्सव के बीच दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा बेहद खराब हो गई है. बढ़ते प्रदूषण के स्तर ने वायु गुणवत्ता को ‘खराब’ से ‘बेहद खराब’ श्रेणी में ला दिया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 417 दर्ज किया गया, जो क्षेत्र को सबसे प्रदूषित बनाता है. अन्य क्षेत्रों में भी स्थिति चिंताजनक है, जिसमें नई दिल्ली (AQI 367), विजय नगर-गाजियाबाद (AQI 348), नोएडा सेक्टर-1 (AQI 344), नोएडा (AQI 341), और गुरुग्राम (AQI 283) शामिल हैं. प्रदूषण के इस गंभीर स्तर को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने आपात बैठक बुलाकर ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत स्टेज-II को तत्काल प्रभाव से लागू करने का फैसला लिया. यह 12 सूत्रीय कार्य योजना ग्रैप स्टेज-I के उपायों के अतिरिक्त लागू होगी. CAQM ने एनसीआर राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (PCBs) और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
ग्रैप स्टेज-II के प्रमुख उपाय
ग्रैप स्टेज-II के तहत 12 सूत्रीय एक्शन प्लान में शामिल उपायों का उद्देश्य वायु प्रदूषण को तुरंत नियंत्रित करना है. इनमें शामिल हैं:
1. सड़कों की मशीन से सफाई: चिह्नित सड़कों पर रोजाना वैक्यूम स्वीपिंग और पानी का छिड़काव, जरूरत पड़ने पर मशीनों की संख्या और कार्य घंटे बढ़ाए जाएंगे.
2. धूल नियंत्रण: हॉटस्पॉट और व्यस्त सड़कों पर धूल-रोधी पदार्थों के साथ पानी का छिड़काव और एकत्रित धूल का सुरक्षित निपटान.
3. निर्माण स्थलों पर सख्ती: धूल नियंत्रण नियमों के पालन के लिए निर्माण और ध्वस्तीकरण स्थलों की नियमित जांच.
4. हॉटस्पॉट पर विशेष ध्यान: प्रदूषण हॉटस्पॉट्स में लक्षित कार्रवाई.
5. निरंतर बिजली आपूर्ति: डीजल जनरेटर के उपयोग को कम करने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति.
6. डीजल जनरेटर पर नियंत्रण: औद्योगिक, वाणिज्यिक और आवासीय क्षेत्रों में डीजल जनरेटर के उपयोग को सीमित करना.
7. यातायात प्रबंधन: ट्रैफिक जाम रोकने के लिए चौराहों पर समन्वय और पर्याप्त पुलिस तैनाती.
8. जनजागरूकता अभियान: समाचार पत्रों, टीवी और रेडियो के माध्यम से प्रदूषण से बचाव की सलाह और चेतावनी.
9. निजी वाहनों पर अंकुश: पार्किंग शुल्क बढ़ाकर निजी वाहनों का उपयोग कम करना.
10. सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा: CNG और इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाना, मेट्रो की आवृत्ति में वृद्धि, और ऑफ-पीक घंटों में सस्ती यात्रा दरें.
11. सर्दियों में बायोमास जलाने पर रोक: निवासी कल्याण संघों को कर्मचारियों के लिए इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने के निर्देश.
12. प्रदूषणकारी बसों पर प्रतिबंध: गैर-इलेक्ट्रिक, गैर-CNG, और गैर-BS-VI बसों का दिल्ली में प्रवेश रोकना (ऑल इंडिया परमिट वाली बसें और टेंपो ट्रैवलर को छूट).
नागरिकों से सहयोग की अपील
CAQM ने नागरिकों से ग्रैप स्टेज-I और स्टेज-II के सुझावों का पालन करने की अपील की है. लोगों से अनुरोध है कि वे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, निजी वाहनों का प्रयोग कम करें, कम भीड़भाड़ वाले मार्ग चुनें, वाहनों के एयर फिल्टर नियमित रूप से बदलें, और अक्टूबर से जनवरी के बीच धूल पैदा करने वाली निर्माण गतिविधियों और बायोमास जलाने से बचें. विशेषज्ञों के अनुसार, ‘बेहद खराब’ AQI स्तर सांस की बीमारियों, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकता है. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
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