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AI समिट या ‘अव्यवस्था’ का समिट? दिल्ली में डिजिटल इंडिया की उड़ी धज्जियाँ, न चला UPI, न मिला नेटवर्क

दिल्ली के आलीशान भारत मंडपम में जब ‘India AI Impact Summit 2026’ का आगाज हुआ, तो लगा था कि हम भविष्य की झलक देखेंगे। लेकिन अफसोस, एआई (AI) की बड़ी-बड़ी बातों के बीच यह इवेंट बुनियादी मैनेजमेंट के मामले में पूरी तरह फेल साबित हुआ। जहाँ मंच पर भारत को दुनिया का ‘AI पावरहाउस’ बताया जा रहा था, वहीं गेट के बाहर लोग पानी और एंट्री के लिए तरसते दिखे।

यहाँ उन वो वजह जिन्होंने इस हाई-प्रोफाइल इवेंट का मजा किरकिरा कर दिया

डिजिटल इंडिया में ‘कैश की किल्लत’
सोचिए, आप दुनिया के सबसे बड़े टेक इवेंट में हैं और आपको एक समोसा या पानी की बोतल खरीदने के लिए जेब में कैश ढूंढना पड़ रहा है। कुछ एसा ही हुआ इस समिट में, नेटवर्क जाम होने की वजह से UPI पूरी तरह ठप हो गया। लोग QR कोड स्कैन करते रह गए और दुकानदार सिर्फ कैश मांग रहे थे। सोशल मीडिया पर एक विज़िटर ने तंज कसते हुए लिखा की— “हम रोबोट्स की बातें कर रहे हैं, लेकिन एक वेंडिंग मशीन पेमेंट नहीं ले पा रही!”

भारी भीड़ और लंबी कतारें
समिट के लिए 2.5 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हुए थे, लेकिन मैनेजमेंट टीम इस भीड़ को संभालने के लिए तैयार नहीं थी। प्रगति मैदान के बाहर ऐसी लाइनें लगीं कि लोगों को अंदर पहुँचने में 3 से 4 घंटे लग गए। हालात इतने खराब थी कि कई बड़े स्टार्टअप फाउंडर्स और स्पीकर्स अपनी ही स्पीच के समय तक वेन्यू के अंदर नहीं पहुँच पाए।

सिक्यूरिटी के नाम पर ‘अजीब’ पाबंदियां
प्रधानमंत्री की मौजूदगी की वजह से सुरक्षा बहुत सख्त थी, लेकिन एक टेक्नोलॉजी समिट में लैपटॉप, बैग्स और यहाँ तक कि कार की चाबियों को ले जाने पर भी रोक लगा दी गई। दोपहर में अचानक सुरक्षा जांच के नाम पर पूरा हॉल खाली करा लिया गया, जिससे कई जरूरी मीटिंग्स और सेशन्स बीच में ही लटक गए। विदेशी डेलिगेट्स इस ‘कन्फ्यूजन’ को देखकर हैरान थे।

वेन्यू के अंदर नेटवर्क ‘गायब’
भारत मंडपम के अंदर मोबाइल सिग्नल न के बराबर थे। न तो इंटरनेट चल रहा था और न ही कॉल लग रहे थे। टेक लवर्स इस बात से सबसे ज्यादा नाराज थे कि वे इवेंट की फोटो या वीडियो रियल-टाइम में सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं कर पा रहे थे। हाई-स्पीड वाई-फाई की कमी ने इस ‘स्मार्ट इवेंट’ की पोल खोल दी।

क्या है एक्सपर्ट्स का कहना?
टेक वर्ल्ड के एक्सपर्ट्स का कहना है कि इतने बड़े लेवल के इवेंट के लिए ‘स्लॉट-बेस्ड एंट्री’ (यानी अलग-अलग टाइमिंग पर लोगों को बुलाना) होनी चाहिए थी। भले ही हम AI में दुनिया को रास्ता दिखा रहे हों, लेकिन क्राउड मैनेजमेंट और इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी बेसिक चीजों पर हमें अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है।

news desk

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