अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के सामने आते ही पूरे देश के धार्मिक गलियारों में खलबली मच गई है। एसआईटी की ताबड़तोड़ रेड, 8 गिरफ्तारियां और ट्रस्ट के दिग्गजों के इस्तीफे के बाद अब देश के बड़े मंदिरों ने अपने पूरे सिस्टम को रीबूट करना शुरू कर दिया है।
राम जन्मभूमि मंदिर के इस बड़े डोनेशन केस का असर अब देश के बाकी वीआईपी मंदिरों पर दिखने लगा है। श्रद्धालुओं की आस्था और उनके दिए दान को पूरी तरह से सेफ और पारदर्शी बनाने के लिए पुराने ट्रेडिशनल तौर-तरीकों को तुरंत हटाकर एकदम कड़े और हाई-टेक नियम लागू किए जा रहे हैं। जिसका मोटिव बिल्कुल साफ है इंसानी दखल को खत्म करना और पूरे मैनेजमेंट को डिजिटल ट्रैक पर लाना।
उत्तराखंड के सबसे मशहूर मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट ने एक बेहद कड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। अब मंदिर परिसर में ड्यूटी पर तैनात कोई भी पुजारी जेब वाला कुर्ता नहीं पहन सकेगा। मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि पुजारियों को बिना पॉकेट वाली खास यूनिफॉर्म दी जाएगी और उसे पहनना अनिवार्य होगा, ताकि भक्तों से मिलने वाले कैश को निजी तौर पर रखने की कोई गुंजाइश ही न बचे।
इसके साथ ही, चढ़ावे की डेली काउंटिंग पर नजर रखने के लिए एक ७ मेंबर्स की स्पेशल स्क्रूटनी टीम तैनात की गई है। ट्रस्ट का सख्त ऑर्डर है कि अगर किसी भी लेवल पर डोनेशन में थोड़ी सी भी हेराफेरी पकड़ी गई, तो बिना किसी देरी के सीधे नामजद एफआईआर दर्ज करवाकर पुलिस एक्शन लिया जाएगा।
मध्य प्रदेश सरकार ने भी राम मंदिर विवाद से सबक लेते हुए सूबे के सबसे बड़े धार्मिक केंद्रों उज्जैन के महाकालेश्वर और खंडवा के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में दान व्यवस्था को पूरी तरह से ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट करने का मेगा充 प्लान तैयार किया है। हालांकि, यहां पहले से क्यूआर कोड चालू थे, लेकिन अब कैश के इस्तेमाल को पूरी तरह से हतोत्साहित कर डिजिटल ट्रांजैक्शन को ही प्राइमरी ऑप्शन बनाया जा रहा है।
सरकार बेहद जल्द एक विशेषज्ञ पैनल का गठन करने जा रही है, जो बड़े और हाई-फुटफॉल वाले वीआईपी मंदिरों का लाइव ऑडिट करेगा और एक ऐसा कस्टमाइज्ड डिजिटल ब्लूप्रिंट तैयार करेगा, जिससे चढ़ावे का एक-एक पैसा सीधे और सुरक्षित तरीके से ऑफिशियल बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर हो सके।
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी धाम ने तो इस दिशा में तेजी से काम शुरू भी कर दिया है। मंदिर परिसर के हर कॉर्नर पर ‘विंध्य धाम तीर्थ विकास परिषद’ के सीधे बैंक अकाउंट से लिंक क्यूआर कोड लगा दिए गए हैं। अब श्रद्धालु सीधे अपने स्मार्टफोन से स्कैन करके डिजिटल चढ़ावा दे रहे हैं, जिससे बीच के सारे बिचौलिए पूरी तरह आउट हो चुके हैं।
वहीं दूसरी तरफ, कौशांबी में मूर्तियों, गहनों और दानपात्रों की चोरी की वारदातों को रोकने के लिए पुलिस महकमे ने एक बिल्कुल नया विलेज सिक्योरिटी मॉडल पेश किया है। इसके तहत हर मुख्य धार्मिक स्थल के लिए ‘ग्राम सुरक्षा समिति’ बनाई गई है, जहां स्थानीय थाना प्रभारी, गांव के प्रधान और जिम्मेदार नागरिक मिलकर चौबीसों घंटे सुरक्षा की कमान संभाल रहे हैं।
गुरुग्राम: मानसून के मौसम में बुखार, सर्दी-जुकाम और संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ जाते…
मुंबई: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता परीक्षित साहनी का एक ताजा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी…
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवा की प्रवेश स्तरीय परीक्षा में शामिल होने के…
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर छर्रे लगने के…
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' के तहत बड़ी…
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल का मामला शुक्रवार को…