बिहार विधानसभा चुनाव में जबरदस्त हार का सामना करने के बाद प्रशांत किशोर (PK) ने अपनी पार्टी जन सुराज (JSP) को लेकर एक अभूतपूर्व फैसला लिया है. प्रशांत किशोर ने अपनी एकमात्र दिल्ली की संपत्ति को छोड़कर अपनी सारी चल और अचल संपत्ति पार्टी के नाम दान करने का ऐलान किया है. इतना ही नहीं, उन्होंने अगले पांच वर्षों तक अपनी कुल कमाई का 90 प्रतिशत हिस्सा भी पार्टी को देने की घोषणा की है.
हार की कड़वाहट को स्वीकारते हुए, प्रशांत किशोर ने चंपारण के गांधी आश्रम में 24 घंटे का मौन वत्र रखा. इसके बाद, कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर पीके ने दृढ़ता के साथ इस भावनात्मक कदम का एलान किया.
प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि ये समर्पण जन सुराज के दीर्घकालिक संघर्ष और वित्तीय मजबूती के लिए बहुत जरुरी है. उन्होंने कहा, ‘मैंने 20 सालों में जो कुछ भी अर्जित किया है, वो सब मै जन सुराज पार्टी को समर्पित कर दूंगा. परिवार के लिए सिर्फ दिल्ली का एक घर रखा है. आगामी 5 वर्षों तक मेरी आय का कम से कम 90 प्रतिशत हिस्सा भी पार्टी को जाएगा.
15 जनवरी से शुरू संघर्ष का ‘नया अध्याय’
पीके ने 15 जनवरी से बिहार में पार्टी के लिए ‘संघर्ष का नया अध्याय’ शुरू करने की घोषणा की. इस अभियान के तहत, जन सुराज के कार्यकर्ता घर-घर जाकर महिलाओं को सरकार द्वारा दिए गए ₹2 लाख के वादे से संबंधित फॉर्म भरवाएंगे. जिसका उद्देश्य सरकार पर वादा पूरा करने का दबाव बनाना और जनता को चुनावी वादों के प्रति जागरूक करना है.
जनता से जुड़ने का नया नियम: ₹1000 का दान
पार्टी के लिए आर्थिक योगदान और लोगों के जुड़ाव को सुनिश्चित करने के लिए, प्रशांत किशोर ने आम जनता से जन सुराज को सालाना कम से कम 1000 रुपए दान करने की अपील की है. साथ ही, उन्होंने एक नया ‘सख्त नियम’ लागू करने की बात कही है. उन्होंने कहा की ‘अब मैं केवल उन्हीं दानदाताओं से मिलूंगा, जिन्होंने जन सुराज को कम से कम 1000 रुपए का योगदान दिया होगा’.