तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया ने मतदाता सूची को लेकर बड़ा एक्शन शुरू कर दिया है. मद्रास हाई कोर्ट में एक याचिका पर सुनवाई के दौरान ECI ने ऐलान किया है कि राज्य में मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ यानी एसआईआर का काम अगले एक हफ्ते में शुरू होने वाला है.
क्या ये होगा पूर्ण “कायाकल्प” अभियान?
ECI के मुताबिक यह SIR का कोई सामान्य अपडेट नहीं है, बल्कि एक सख्त ‘सफ़ाई अभियान’ है, जिसे ECI ने मतदाता सूची को पूरी तरह बेदाग बनाने के लिए शुरू किया है.
इसका मुख्य लक्ष्य है मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाना, जो 2026 विधानसभा चुनावों की निष्पक्षता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इस ‘महा-शुद्धिकरण’ में दोहरी एंट्री, मृत मतदाताओं और अवैध अप्रवासियों को सूची से हटाया जाएगा. साथ ही, आयोग हाल ही में जुड़े मतदाताओं से उनकी अधिकार और नागरिकता प्रमाणित करने के लिए दस्तावेज़ भी जमा करवाएगा, ताकि मतदाता सूची पूरी तरह से सही और साफ़-सुथरा रहे.
हाई कोर्ट का रोल और ECI की शीघ्रता
मद्रास हाई कोर्ट में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर दायर याचिका के बाद ECI पर दबाव बढ़ गया था. आयोग ने कोर्ट को बताया है कि चुनाव की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह पुनरीक्षण अत्यंत ज़रूरी है.
इसके बाद तमिलनाडु की राजनीति में अब वोटर लिस्ट को लेकर हलचल तेज़ हो गई है. इससे पहले बिहार एसआईआर को लेकर भी काफी बवाल मचा था. जिसमें सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कटे हुए तमाम नामों को जोड़ा गया था.