लखनऊ. उत्तर प्रदेश, बिहार से लेकर बांग्लादेश तक फैला हुआ था कोडीन कफ सिरप का काला साम्राज्य… युवाओं को मौत बांटने वाले इस सिंडिकेट की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाज़ा हाल की बड़ी कार्रवाई से लगाया जा सकता है.
जिसकी परतें धीरे धीरे खुल रही है. जिसमें अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्कर, सिस्टम में बैठे स्थानीय मददगार और इस पूरे धंधे को संरक्षण देते बाहुबली इन सबके सिंडिकेट की खतरनाक कहानी सामने आ रही है. युवाओं को नशे और मौत के दलदल में धकेलने वाले इस करोड़ों के धंधे की जांच में अब ईडी की भी एंट्री हो चुकी है.
लखनऊ में एसटीएफ ने इस पूरे खेल के शातिर खिलाड़ी अमित सिंह उर्फ टाटा को गिरफ्तार किया तो परते खुलने लगी. अमित टाटा प्रतिबंधित कफ सिरप ड्रग रैकेट के किंगपिन शुभम जायसवाल का सबसे भरोसेमंद मोहरा बताया जा रहा है. शुभम जायसवाल पहले ही कानून की पकड़ से भाग कर दुबई जा चुका है.
अमित सिंह टाटा को गिरफ्तार करने वाले एएसपी लाल प्रताप सिंह के मुताबिक इन लोगों ने बांग्लादेश में भी काफी कफ सिरप की सप्लाई की थी. इस पूरे खेल में फर्जी ई-बिल, फर्जी फर्मों और हवाला के सहारे करोड़ों का ड्रग कारोबार खड़ा कर दिया. वो भी वाराणसी से लेकर झारखंड तक. अब जब ये गिरफ्तारी हुई है, यूपी की राजनीति घमासान मचा हुआ है.
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लगातार सरकार पर हमलावर हैं और “मौत के सौदागरों” पर कड़े एक्शन की मांग करते आ रहे हैं. उधर, मुख्य मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी. हवाला से जुड़े पैसों की पूरी चेन की जांच शुरू करने की तैयारी में है.
सूत्रों की माने तो शुभम जायसवाल हो या अमित सिंह इन्हे पूर्वांचल के एक बाहुबली का संरक्षण हासिल था. ये धंधा लंबे समय से चल रहा था लेकिन माना जा रहा है कि बाहुबली के संरक्षण के चलते इन पर कार्रवाई नहीं हो रही थी. लेकिन जब मामला बढ़ने लगा तो अब धीरे धीरे सारे मोहरों पर कार्रवाई हो रही है. अमित के खिलाफ पहले से हत्या, आर्म्स एक्ट, धोखाधड़ी और कोडीन तस्करी जैसे कई मामले दर्ज हैं. वहीं NBT की रिपोर्ट की माने एस पूरे खेल को एक बर्खास्त सिपाही संचालित कर रहा था. जो बाहुबली को करीबी है.
कैसे हुआ पर्दाफाश?
इस नेटवर्क का खुलासा अक्टूबर महीने में तब हुआ, जब सोनभद्र के चुर्क लाइन मोड़ पर चेकिंग के दौरान करीब 20,000 कफ सिरप की बोतलें बरामद की गईं. ये बोतलें दो कंटेनरों में नमकीन और चिप्स के पैकेटों के बीच छिपाकर ले जाई जा रही थीं। पुलिस ने मौके पर चार लोगों को गिरफ्तार किया.
इसके बाद यूपी पुलिस और SIT ने जब नेटवर्क खंगालना शुरू किया तो एक-एक करके परतें खुलती गईं और पूरा खेल उजागर हो गया. जांच में पता चला कि शुभम का गिरोह कफ सिरप को कभी पेंट की बाल्टियों में, कभी नमकीन के पैकेटों के बीच, तो कभी छोटे कैरियरों और साइकिलों के जरिए अलग-अलग राज्यों में तस्करी करता था.
एसटीएफ अब अमित टाटा के करीबीयों और उसे संरक्षण देने वालों पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है.
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