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एक चीनी ऐप बीच सड़क हैक कर रहा भारतीय ई-रिक्शा को! प्रैंक के नाम पर साइबर ठगी का नया खेल

देश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट में रीढ़ की हड्डी बन चुके ई-रिक्शा अब एक बेहद अजीब और खतरनाक साइबर अटैक की जद में हैं। सोशल मीडिया पर रील्स और प्रैंक वीडियो बनाने के चक्कर में शुरू हुआ यह ‘खेल’ अब चालकों की रोजी-रोटी और सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा सिरदर्द बन चुका है।

शातिर बदमाश और ठग एक चीनी मोबाइल एप्लीकेशन “BAT-BMS” का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वे सड़क पर चलते हुए ई-रिक्शा की बैटरी को दूर से ही लॉक कर देते हैं, जिससे गाड़ी बीच रास्ते में ही ठप हो जाती है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर से लेकर मध्य प्रदेश के उज्जैन और भोपाल तक इसके दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं, जिसके बाद पुलिस और साइबर सेल को एक्शन में आना पड़ा है।

80 से ज्यादा ई-रिक्शा हुए ‘हैक’

यूपी के बिजनौर जिले के नगीना नगर में पिछले कुछ दिनों से ई-रिक्शा चालकों में खौफ का माहौल है। चालकों का कहना है कि सवारी लेकर जाते समय उनकी गाड़ियां अचानक झटके के साथ बंद हो रही हैं। अब तक करीब 80 से ज्यादा ई-रिक्शा इस रहस्यमयी ब्लॉकिंग का शिकार हो चुके हैं। परेशान ड्राइवरों ने पुलिस चौकी पहुंचकर अज्ञात लोगों के खिलाफ साइबर हमले की शिकायत दर्ज कराई है। बीच सड़क पर अचानक गाड़ी बंद होने से पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहनों से एक्सीडेंट का खतरा काफी बढ़ गया है।

‘प्रैंक’ की आड़ में वसूली

इस मामले में पहली बड़ी कामयाबी एमपी के उज्जैन में मिली है। यहाँ पुलिस ने ई-रिक्शा एसोसिएशन की मदद से एक 18 साल के आरोपी रीतेश भानूपा को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी राह चलते ई-रिक्शों को अपने मोबाइल ऐप से बंद कर देता था। जब परेशान ड्राइवर गाड़ी चेक करने लगता, तो आरोपी खुद को मैकेनिक बताकर वहां पहुंच जाता। वह गाड़ी ठीक करने के नाम पर 200 से 300 रुपये वसूलता और पैसे मिलते ही अपने फोन से बैटरी को दोबारा अनलॉक कर देता।

आखिर ये गेम काम कैसे करता है?

BAT-BMS मूल रूप से एक चीनी बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम BMS ऐप है, जिसे लिथियम-आयन बैटरी की सेहत, वोल्टेज, तापमान और चार्जिंग ट्रैक करने के लिए बनाया गया है। यह ऐप ब्लूटूथ लो एनर्जी ‘BLE’ टेक्नोलॉजी पर काम करती है, जिसकी रेंज लगभग 15 मीटर तक होती है। सिक्यूरिटी के लिहाज से इस ऐप में एक ‘Remote Cut-off’ का फीचर होता है, जिससे बैटरी की पावर सप्लाई रोकी जा सकती है।

सुरक्षा में बड़ी चूक

भारत के बाजारों में दौड़ रहे ज्यादातर ई-रिक्शों में चीन निर्मित ब्लूटूथ-इनेबल्ड लिथियम बैटरियां लगी हैं। डीलर्स इन बैटरियों को बिना किसी पासवर्ड या सिक्योरिटी लॉक के ‘ओपन मोड’ में ही फिट कर देते हैं। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर कोई भी शख्स 15 मीटर की रेंज में आकर BAT-BMS या Xiaoxiang जैसी ऐप से बिना किसी वेरिफिकेशन के सीधे ई-रिक्शा की बैटरी से कनेक्ट हो जाता है और गाड़ी बंद कर देता है।

news desk

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