बेलफास्ट की एक शांत सड़क पर स्थित एक छोटे-से फ्लैट के अंदर क्या चल रहा था, इसका अंदाज़ा किसी को नहीं था. लेकिन जब 22 अक्टूबर की रात 22 साल की एक नशे की लत से टूट चुकी युवती वहाँ से भागकर सड़क पर आई—तो एक ऐसे अपराध का पर्दाफाश हुआ जिसकी दहशत ख़बर पढ़ने वालों की रूह तक को हिला दे.
56 वर्षीय थॉमस क्रॉसी, जो दिखने में आम इंसान लगता है, पर अब आरोप है कि वह पिछले चार साल से एक कमजोर, नशे की गिरफ्त में फँसी युवती का यौन शोषण कर रहा था. सिर्फ इतना ही नहीं—वह 20 से 25 अलग-अलग पुरुषों से पैसे लेकर उसे अपने ही फ्लैट के कमरे में भेजता था.
और यह सब सिर्फ इसलिए क्योंकि युवती को उसकी दी हुई कोकेन और हेरोइन की आदत पड़ चुकी थी. पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जब उसने भागने की कोशिश की, तो आरोपी ने दरवाज़ा बंद कर दिया. तभी उसने हिम्मत जुटाई और आरोपी को काटकर खुद को छुड़ा लिया. इसके बाद वह जान बचाकर सड़क पर भागी और मदद मांगी.
ड्रग्स के बदले सेक्स: 18 की उम्र में फँसाई गई पीड़िता
पीड़िता का आरोप है कि 2021 में, जब वह सिर्फ 18 साल की थी, क्रॉसी ने पहले उसे ड्रग्स का लालच दिया. इसके बाद वह अक्सर टैक्सी भेजकर उसे अपने फ्लैट बुलाता, जहाँ कई दिनों तक रोके रखता. बदले में उसे सेक्स करना पड़ता—कभी उसके साथ, कभी अजनबी पुरुषों के साथ.
युवती ने कहा, “अगर मैं मना करती, तो वह मुझे ड्रग्स नहीं देता… इसलिए मजबूरी में हर बार हाँ कहना पड़ता.”
अभियोजकों के मुताबिक आरोपी हर ग्राहक से 100 या 150 पाउंड वसूलता था. युवती को अलग-अलग आउटफिट पहनाए जाते, कई तरह की गतिविधियाँ करने को मजबूर किया जाता, और यह सब महीनों नहीं… पूरे चार साल तक चलता रहा.
फ्लैट से मिले सामान
पुलिस ने तलाशी में 11 मोबाइल फोन, नेल पॉलिश की बोतलें, युवती का बैंक कार्ड और अलग-अलग महिलाओं के मेडिकल/आई कार्ड बरामद किए. इतना ही नहीं—सोफ़े के नीचे एक बड़ा चाकू और हथौड़ा भी मिला, जिसने मामले को और डरावना बना दिया. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दो और महिलाओं को उसी फ्लैट पर बुलाता था. एक अश्वेत महिला के बारे में उसने नस्लभेदी शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि उसे “काम पर लगाया जाएगा.” चैट में उसने लिखा— “कम से कम वो घुटनों पर बैठती है और कमा लेती है.”
कोर्ट ने किया जमानत ख़ारिज
बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी बेहद गरीब है—गिरफ्तारी के समय उसके खाते में सिर्फ 17 पाउंड थे. उन्होंने पीड़िता की मानसिक स्थिति और बयान पर भी सवाल उठाए.
लेकिन जज ने इसे मानने से इनकार किया.
जमानत खारिज करते हुए जज ने कहा— “अगर ये आरोप साबित होते हैं, तो यह बेहद घिनौना अपराध है. एक कमजोर युवती की लत का इस्तेमाल कर यौन शोषण करना… सोचना भी भयावह है.”