जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार में हुए हालिया विधानसभा चुनावों के रिकॉर्ड तोड़ मतदान को राज्य में राजनीतिक बदलाव का संकेत बताया है. किशोर ने कहा कि तथाकथित राजनीतिक विश्लेषक जो यह दावा कर रहे हैं कि उन्हें पहले से पता है बिहार में क्या होने वाला है, वे यह अनुमान नहीं लगा पाए कि राज्य में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान दर्ज होगा. उन्होंने कहा, “इतनी बड़ी संख्या में हुआ मतदान यह दिखाता है कि जनता अब बदलाव चाहती है. बिहार के इतिहास में यह वोटिंग सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि एक नए दौर की शुरुआत है.”
“डर की राजनीति से नहीं चलेगा काम” – प्रशांत किशोर
प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अब “डर की राजनीति” के सहारे वोट मांग रहे हैं, खासकर RJD का डर दिखाकर. किशोर ने कहा, “जब प्रधानमंत्री कहते हैं कि जंगलराज नहीं लौटना चाहिए, तो फिर सवाल यह भी उठता है — आप (NDA) क्यों लौटें?” उन्होंने कहा कि जनता अब डर नहीं, रोजगार और बेहतर शासन चाहती है.
किशोर ने यह भी विशेष रूप से बताया कि इस बार मतदान में प्रवासी मजदूरों की भागीदारी एक महत्वपूर्ण कारक रही है. उन्होंने कहा कि “मुसाफिर लौटे, छठ मनाई और वोट भी डाले — यही ‘X फैक्टर’ बन गया.” किशोर ने दावा किया कि जन सुराज अब बिहार की राजनीति में एक नया विकल्प बन चुका है. उन्होंने कहा कि जनता अब पारंपरिक दलों से आगे बढ़कर विकास और जनभागीदारी की राजनीति को चुनने के लिए तैयार है.