उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों के हित में ऐतिहासिक फैसला लिया है. राज्य सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ने के मूल्य में ₹30 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की घोषणा की है. इस निर्णय से प्रदेशभर के लाखों गन्ना किसानों को सीधा फायदा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
नए गन्ना मूल्य निर्धारण
सरकार के नए आदेश के अनुसार, अब अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य ₹400 प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति का ₹390 प्रति क्विंटल तय किया गया है. इस मूल्य वृद्धि से राज्य के किसानों को लगभग ₹3,000 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान होने की उम्मीद है.
‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली से पूरी प्रक्रिया डिजिटल
राज्य सरकार ने बताया कि गन्ना उद्योग में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो चुकी है. ‘स्मार्ट गन्ना किसान’ प्रणाली के माध्यम से गन्ना क्षेत्रफल पंजीकरण, सट्टा, कलेण्डरिंग और पर्ची वितरण की पूरी व्यवस्था ऑनलाइन कर दी गई है. इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है और किसानों को उनका भुगतान सीधे डीबीटी के जरिए बैंक खातों में मिल रहा है. इस डिजिटल पहल को भारत सरकार ने “मॉडल सिस्टम” घोषित किया है, जिसे अन्य राज्यों में भी अपनाने की सिफारिश की गई है.
एथेनॉल उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश सबसे आगे
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश ने एथेनॉल उत्पादन के क्षेत्र में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है. राज्य में एथेनॉल उत्पादन 41 करोड़ लीटर से बढ़कर अब 182 करोड़ लीटर तक पहुंच गया है. साथ ही आसवनियों (Distilleries) की संख्या भी 61 से बढ़कर 97 हो गई है.
राज्य सरकार का यह कदम किसानों की आय बढ़ाने, गन्ना उद्योग को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा और दूरगामी निर्णय माना जा रहा है.