बिहार में लोगों को पैसे बांटने के लिए चर्चित सांसद पप्पू यादव बड़ी मुसीबत में घिरते नजर आ रहे हैं. पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को बाढ़ पीड़ितों को नकदी बांटने के मामले में आयकर विभाग ने नोटिस थमा दिया है. विधानसभा चुनाव के बीच पप्पू यादव को आयकर विभाग की नोटिस से बड़ा सियासी हलचल भी हो सकता है.
“मददगार हाथ” पर सरकारी शिकंजा?
पप्पू यादव ने खुद इस नोटिस का खुलासा सोशल मीडिया पर किया और केंद्र पर तीखे वार किए. उनका आरोप है कि ‘वैशाली के बाढ़ग्रस्त मनियारी गांव में उन्होंने जो आर्थिक सहायता दी थी, इनकम टैक्स उसे अपराध मान रहा है’. पप्पू यादव ने सीधे सरकार को चुनौती देते हुए कहा, “अगर वंचितों की सहायता में रुपये बांटना अपराध है, तो मैं यह अपराध बार-बार करता रहूंगा. मेरे लिए इंसानियत सबसे पहले है.
कैश बांटने का वीडियो वायरल होने के बाद, विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के उल्लंघन का मामला भी उन पर दर्ज किया गया था. अब इनकम टैक्स का नोटिस आना, इस पूरे प्रकरण को कानूनी और राजनीतिक रंग दे चुका है.
नोटिस के टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए पप्पू यादव ने पूछा कि जब लोग बेघर हुए थे, तब वे चुप क्यों रहते? उन्होंने तंज कसा, “क्या मुझे गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और स्थानीय सांसद चिराग पासवान की तरह ‘मूकदर्शक’ बने रहना चाहिए था?”