गांधीनगर: दिवाली से ठीक पहले गुजरात की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मंत्रिमंडल में कल तक भारी फेरबदल की संभावना जताई जा रही है. सूत्रों के अनुसार मौजूदा 16 मंत्रियों में से करीब 9 से 10 को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है, वहीं 13 से 15 नए चेहरों को शपथ दिलाई जाएगी.
पटेल मॉडल में ‘पूरा कैबिनेट बदल देना’ नई बात नहीं!
ये बदलाव गुजरात मंत्रिमंडल में कोई पहली बार नहीं हो रहा है. इससे पहले 2021 में जब भूपेंद्र पटेल ने पहली बार मुख्यमंत्री पद संभाला था, तो उन्होंने पूर्व सीएम विजय रूपाणी की पूरी कैबिनेट ही बदल दी थी. पिछली सरकार में 22 मंत्री थे, लेकिन उनमें से किसी एक को भी दोबारा शामिल नहीं किया गया. इसके बाद 2022 विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद फिर से भूपेंद्र पटेल मुख्यमंत्री बने. नई कैबिनेट बनाते समय पटेल सरकार के 24 में से 15 मंत्रियों को बाहर कर दिया गया. यानी पटेल मॉडल में “फ्रेश टीम के साथ नई शुरुआत” की परंपरा पहले से ही जारी है — और अब एक बार फिर वही दोहराया जा सकता है.
इस बार किसकी होगी एंट्री और किसकी होगी छुट्टी?
इस फेरबदल में कच्छ-सौराष्ट्र, उत्तर गुजरात और दक्षिण गुजरात को विशेष तवज्जो मिलने की संभावना है. वहीं मध्य गुजरात से पहले ही मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और जगदीश विश्वकर्मा मंत्री हैं, ऐसे में इस क्षेत्र से नए चेहरों को मौका मिलना मुश्किल माना जा रहा है. वडोदरा पर सभी की नज़रें हैं, जहां से अब तक कोई मंत्री नहीं है.
सूत्रों की मानें तो भारतीय क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी और उत्तर जामनगर की विधायक रिवाबा जडेजा पहली बार मंत्री बन सकती हैं. अर्जुन मोडवाडिया और जीतू वाघानी जैसे अनुभवी नेताओं की भी एंट्री संभव है, जबकि मौजूदा राज्य मंत्री हर्ष सांघवी को प्रमोशन देकर कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है.