बॉलीवुड सिर्फ ग्लैमर और गॉसिप का नाम नहीं है, बल्कि यहां रिश्ते भी उतने ही गहरे होते हैं जितने आम लोगों के दिल में होते हैं. इस करवाचौथ पर जब आसमान में चांद निकलेगा, तो सिर्फ पत्नियों की आंखें नहीं टिकी थीं उस पर बल्कि कई बॉलीवुड स्टार पति भी उसी इंतज़ार में व्रत रखेंगे.
अब करवाचौथ सिर्फ पत्नियों का व्रत नहीं रहा, यह प्यार का साझा उत्सव बन गया है और इस बदलाव की अगुआई कर रहे हैं हमारे चहेते सितारे, आयुष्मान खुराना, विक्की कौशल, रणवीर सिंह, विराट कोहली जैसे सुपरस्टार्स, जो अपने जीवनसाथी के लिए व्रत रखकर नए युग की मिसाल बन गए हैं.
प्यार, परवाह और परंपरा – सब कुछ साथ-साथ
विराट ने साबित कर दिया कि वो सिर्फ क्रिकेट के मैदान में ही नहीं, बल्कि रिश्तों के मैदान में भी चैंपियन हैं. अनुष्का के लिए करवाचौथ का व्रत रखना उनके लिए सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि एक “प्यार भरा संकल्प” है. एक ऐसा वादा कि “हम हर पल साथ हैं.
2021 की सबसे चर्चित शादी के बाद विक्की ने खुद को “ड्रीम हसबैंड” साबित किया है. इस करवाचौथ पर उन्होंने भी उपवास रखकर यह दिखाया कि आज का प्यार सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट नहीं, जिम्मेदारी और इमोशनल कनेक्शन से बना है.
रणवीर ने हमेशा अपनी पत्नी दीपिका के लिए ओपनली प्यार जताया है, लेकिन व्रत रखकर उन्होंने एक और कदम बढ़ाया. “अगर वो मेरे लिए उपवास रखती हैं, तो मैं क्यों नहीं. ये उनकी सोच है, जो उनके फैंस को और भी दीवाना बना देती है।
ताहिरा की कैंसर जर्नी के दौरान आयुष्मान ने उनके लिए व्रत रखा था सिर्फ करवाचौथ का नहीं, हर कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने का व्रत. आज भी ये जोड़ी लोगों के लिए प्रेरणा है कि सच्चा प्यार हर दौर में साथ निभाता है.
बच्चन परिवार की ये जोड़ी हमेशा से बेहद गरिमामय रही है. अभिषेक का पत्नी के लिए उपवास रखना दिखाता है कि संस्कार और आधुनिकता एक साथ चल सकते हैं. उनका यह कदम भी फैंस के लिए बहुत स्पेशल रहा.
भले ही राज विवादों में रहे हों, लेकिन शिल्पा के साथ करवाचौथ में उनका व्रत रखना ये दर्शाता है कि त्योहारों में परिवार की अहमियत सबसे ऊपर होती है.
करवाचौथ की नई परिभाषा: साथ जीने का, साथ निभाने का
आज के दौर में जब रिश्ते तेजी से बनते और टूटते हैं, ये स्टार कपल्स हमें सिखाते हैं कि प्यार में त्याग, समर्पण और सम्मान कितना ज़रूरी है. करवाचौथ अब सिर्फ “पत्नी के व्रत का दिन” नहीं रहा, बल्कि यह बन गया है. दो आत्माओं के एक होने का त्योहार. और जब एक पति भी भूखा रहकर अपनी पत्नी की लंबी उम्र के लिए कामना करता है. तो वह सिर्फ एक रस्म नहीं, एक गहरा इमोशनल बोंड बन जाता है. इन सितारों ने दिखाया कि प्यार बराबरी का होता है, और व्रत सिर्फ महिला की ज़िम्मेदारी नहीं. यह दोनों के बीच के भरोसे का जश्न भी हो सकता है. करवाचौथ के इस नए रूप ने परंपरा को नहीं तोड़ा, बल्कि उसे और खूबसूरत बना दिया.