लखनऊ में आयोजित बहुजन समाज पार्टी की बहुप्रतीक्षित रैली में पार्टी प्रमुख मायावती ने विपक्ष पर सवाल उठाने के अलावा उन्होंने हाल ही में बरेली और कानपुर सहित अन्य शहरों में “I Love Muhammad” को लेकर उपजे विवाद पर बोला. मायावती ने कहा कि ‘कुछ शरारती तत्व जानबूझकर एक-दूसरे के देवी-देवताओं और पैगंबरों का अपमान करते हैं ताकि समाज में तनाव फैलाया जा सके. उन्होंने कहा, कुछ लोग जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को भड़काते हैं. यह सब एक सोची-समझी साजिश के तहत किया जाता है, ताकि आपसी भाईचारा कमजोर हो और राजनीतिक लाभ उठाया जा सके’.
राहुल गांधी पर मायावती का निशाना
बसपा प्रमुख मायावती कांग्रेस पर सख्त नजर आई. उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि ‘कुछ नेता आज हाथ में संविधान लेकर घूमते हैं, जैसे वो ही उसके सबसे बड़े रक्षक हों, जबकि असलियत में इनकी पार्टी ने ही संविधान को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है. कांग्रेस ने आज़ादी के बाद लंबे समय तक केंद्र में राज किया, लेकिन इस दौरान दलितों, पिछड़ों और कमजोर वर्गों के साथ अन्याय और भेदभाव ही होता रहा. 1975 में आपातकाल के समय कांग्रेस ने संविधान को ताक पर रख दिया था और वही पार्टी आज बाबासाहेब के संविधान की दुहाई देकर नाटक कर रही है.’
चंद्रशेखर आजाद पर मायावती की टिप्पणी
बता दें कि उन्होंने बिना नाम लिए आजाद समाज पार्टी के नेता चंद्रशेखर आजाद पर निशाना साधा, साथ ही यह आरोप भी लगाया कि उनके जैसे संगठनों के पीछे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों की रणनीति काम कर रही है. मायावती ने कहा कि ‘जब उत्तर प्रदेश में बसपा अकेले अपने दम पर सत्ता में आई थी, तो यह बात कुछ राजनीतिक दलों को रास नहीं आई. उन्हें यह डर सताने लगा कि अगर बसपा को समय रहते नहीं रोका गया, तो यह पार्टी भविष्य में केंद्र की सत्ता तक पहुंच सकती है. इन दलों ने सिर्फ गठबंधन ही नहीं बनाए, बल्कि कुछ ऐसे संगठन भी खड़े किए जो दलित राजनीति की जमीन को तोड़ने का काम करें. ये संगठन चुनाव में अपने उम्मीदवार खड़े करते हैं और कुछ को जिताकर विधानसभा तक पहुंचाया भी जा रहा है. इनका मकसद सिर्फ एक है बहुजन वोटों को बांटना और बसपा को कमजोर करना’.