बिहार विधानसभा चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो गई है. भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) सोमवार शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आधिकारिक तौर पर चुनाव कार्यक्रम और मतदान की तारीखों की घोषणा करने वाला है. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार चुनाव दो चरणों में संपन्न हो सकते हैं, क्योंकि 22 नवंबर को मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में यह साफ किया था कि विधानसभा चुनाव 22 नवंबर से पहले हर हाल में संपन्न हो जाएंगे. इसके लिए आयोग ने हाल ही में 4 और 5 अक्टूबर को राज्य का दौरा कर राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी. दौरे के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति, चुनावी खर्च पर निगरानी और मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई.
त्योहारों को ध्यान में रखकर शेड्यूल
इस बार चुनाव कार्यक्रम तैयार करते समय आयोग ने छठ पूजा और दीवाली (18–28 अक्टूबर) जैसे प्रमुख त्योहारों को भी ध्यान में रखा है. संभावना है कि मतदान अक्टूबर के अंत या नवंबर में, छठ पूजा के बाद आयोजित किया जाए. 2020 की तरह इस बार भी चरणों की संख्या सीमित रखने की योजना है. वहीं, प्रत्येक मतदान केंद्र पर केवल 1,200 मतदाताओं की व्यवस्था की जाएगी ताकि भीड़ कम रहे और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित हो.
छठ के बाद मतदान की मांग
विभिन्न राजनीतिक दलों ने आयोग से अपील की है कि मतदान की प्रक्रिया छठ पर्व के तुरंत बाद कराई जाए. उनका तर्क है कि इस दौरान बड़ी संख्या में बाहर काम करने वाले लोग अपने गांव लौटते हैं, जिससे मतदाताओं की भागीदारी अधिक होगी और चुनावी प्रक्रिया और भी व्यापक बन सकेगी.