शुक्रवार को महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के शिरोडा-वेलागर समुद्र तट पर एक दुखद हादसे ने पिकनिक मनाने आए परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया. कर्नाटक के बेलगावी और स्थानीय कुडल इलाके से आए आठ सदस्यीय परिवार के लोग समुद्र तट पर नहाने गए थे, लेकिन अचानक तेज़ ज्वार (high tide) ने उन्हें अपने आगोश में ले लिया. हादसे में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार अन्य, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं, अभी भी लापता हैं. मृतकों की पहचान राजश्री रमेश पुजारी, श्रावणी महेश पुजारी और आदित्य महेश पुजारी के रूप में हुई है.
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, परिवार के सभी सदस्य समुद्र में उतरे थे, लेकिन अचानक आए तेज़ ज्वार ने उन्हें बहा लिया. तैरना न जानने के कारण वे लहरों में फंस गए. स्थानीय मछुआरों और कुछ पर्यटकों ने मदद की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर
हो चुकी थी. स्थानीय पुलिस, कोस्ट गार्ड, फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार समुद्र में लापता लोगों की तलाश कर रही हैं. इस अभियान में बोट्स, डाइवर्स, ड्रोन कैमरा और थर्मल इमेजिंग उपकरण का उपयोग किया जा रहा है.
समुद्र तट की खूबसूरती के पीछे छिपा खतरा
शिरोडा-वेलागर समुद्र तट अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन स्थानीय लोग इसे खतरनाक भी मानते हैं. उन्होंने बताया कि इस तट पर हर साल ऐसे हादसे होते हैं और सुरक्षा संकेत न के बराबर हैं. अधिकारियों का कहना है कि
भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए तट पर सुरक्षा इंतज़ाम बढ़ाने की आवश्यकता है. यह हादसा परिवार और स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी त्रासदी साबित हुआ है, और समंदर की अनिश्चित लहरों ने फिर से चेताया है कि सावधानी और सुरक्षा के बिना समुद्र के करीब जाना कितना खतरनाक हो सकता है.