बीजिंग/शांक्सी। चीन के सबसे बड़े कोयला उत्पादक क्षेत्र शांक्सी प्रांत से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां की एक कोयला खदान में शुक्रवार को हुए भीषण विस्फोट में अब तक 90 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 9 लोग अभी भी लापता हैं। कूटनीतिक और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बीते एक दशक (10 साल) में चीन का सबसे बड़ा और सबसे भयानक कोयला खदान हादसा माना जा रहा है।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, यह भीषण धमाका राजधानी बीजिंग से करीब 520 किलोमीटर दूर शांक्सी प्रांत के किनयुआन काउंटी की एक खदान में हुआ।
कार्बन मोनोऑक्साइड का ‘अलर्ट’ और फिर तबाही
जांच से जुड़े शुरुआती इनपुट्स के मुताबिक, इस भयावह हादसे से ठीक पहले खदान के भीतर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस (Carbon Monoxide Gas) का ऑटोमैटिक अलर्ट जारी किया गया था। लेकिन जब तक सुरक्षा उपाय किए जाते या मजदूरों को पूरी तरह बाहर निकाला जाता, तब तक खदान के अंदर एक जोरदार और विनाशकारी विस्फोट हो गया।
- 247 मजदूर थे अंदर: विस्फोट के समय जमीन के नीचे खदान में कुल 247 मजदूर काम कर रहे थे।
- बचाव कार्य जारी: धमाके के तुरंत बाद कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन दर्जनों लोग मलबे और जहरीली गैस के बीच फंस गए। राहत और बचाव दल अब भी लापता 9 मजदूरों की तलाश में जुटे हैं।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम ली कियांग का सख्त रुख
इस राष्ट्रीय आपदा के सामने आने के बाद चीन का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह एक्टिव हो गया है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रेस्क्यू टीमों को बिना समय गंवाए लापता लोगों को खोजने के लिए हर संभव कोशिश करने का निर्देश दिया है।
राष्ट्रपति जिनपिंग की कड़ी चेतावनी: “इस हादसे से सभी सरकारी विभागों और राज्यों को बड़ी सीख लेनी होगी। कार्यस्थलों पर सुरक्षा नियमों को बेहद कड़ा किया जाए। इस भयानक त्रासदी के पीछे जो भी लोग जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए जो एक मिसाल बने।”
वहीं, चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने भी हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश देते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की बात कही है। उप प्रधानमंत्री झांग गुओकिंग खुद स्थानीय अधिकारियों के साथ ग्राउंड जीरो (घटनास्थल) पर मौजूद हैं और राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
सुरक्षा के दावों की खुली पोल: शांक्सी में थम नहीं रहे हादसे
यह हादसा चीन के उन दावों पर बड़े सवाल खड़े करता है, जिसमें वह पिछले कुछ सालों से अपनी खदानों को हाई-टेक और सुरक्षित बनाने की बात करता रहा है।
- फरवरी 2023 का घाव: इससे पहले फरवरी 2023 में इनर मंगोलिया की एक कोयला खदान में हुए भूस्खलन में 53 मजदूरों की जान चली गई थी।
- लगातार हो रही दुर्घटनाएं: पिछले ही महीने शांक्सी के लुलियांग इलाके में भी एक खदान हादसे में 4 लोगों की मौत हुई थी।
मौसम भी बना चुनौती: राष्ट्रपति जिनपिंग ने यह भी रेखांकित किया है कि चूंकि चीन में इस समय बारिश का मौसम चल रहा है, इसलिए खदानों के भीतर बाढ़ या मलबे धंसने जैसे प्राकृतिक खतरों से निपटने के लिए भी सुरक्षा चक्र को दोगुना मजबूत किया जाना बेहद जरूरी है।