नई दिल्ली। देश भर में आम आदमी की जेब पर महंगाई की चौतरफा मार पड़नी शुरू हो गई है। सरकारी तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार की जा रही बढ़ोतरी के बीच अब आम जनता को सीएनजी (CNG) की कीमतों में भी बड़ा झटका लगा है।
शनिवार (23 मई) को सीएनजी के दामों में 1 रुपये प्रति किलो का इजाफा कर दिया गया है, जिसके बाद दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी का रेट 80.09 रुपये से बढ़कर 81.09 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है।
दूसरी ओर, पेट्रोल-डीजल के मोर्चे पर भी राहत नहीं है। इस नए बदलाव में पेट्रोल की कीमतों में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही पिछले महज 10 दिनों के भीतर ईंधन के दामों में कुल मिलाकर लगभग 5 रुपये प्रति लीटर तक का भारी इजाफा हो चुका है।
चारों महानगरों में पेट्रोल-डीजल के नए दाम (23 मई)
इस नई बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का भाव ₹100 के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। राज्यों में लगने वाले अलग-अलग वैट (VAT) और स्थानीय टैक्स के कारण शहरों में कीमतें इस प्रकार हैं:
| महानगर / शहर | पेट्रोल का नया रेट (प्रति लीटर) | डीजल का नया रेट (प्रति लीटर) |
| दिल्ली | ₹99.51 | ₹92.49 |
| मुंबई | ₹108.49 | ₹95.02 |
| कोलकाता | ₹110.64 | ₹97.02 |
| चेन्नई | ₹105.31 | ₹96.98 |
| जयपुर | ₹109.77 | ₹95.83 |
10 दिनों का गणित: 15 मई से शुरू हुआ था ‘महंगाई का खेल’
ईंधन की कीमतों में मौजूदा उबाल अचानक नहीं आया है, बल्कि इसकी शुरुआत पिछले हफ्ते हुई थी। यदि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम पर नजर डालें तो ग्राफ तेजी से ऊपर भागा है:
- 15 मई (पहला बड़ा झटका): तेल कंपनियों ने एकमुश्त पेट्रोल और डीजल दोनों में ₹3 प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की थी। इस दिन दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 से सीधे ₹97.77 और डीजल ₹87.67 से ₹90.67 पर आ गया था।
- 19 मई (दूसरा झटका): कीमतों में फिर संशोधन हुआ और दिल्ली में पेट्रोल ₹98.64 और डीजल ₹91.58 प्रति लीटर दर्ज किया गया।
- 23 मई (आज का ताजा रेट): ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹99.51 और डीजल ₹92.49 प्रति लीटर पर बिक रहा है।
जयपुर में ₹110 के करीब पेट्रोल: राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी आज की बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल का भाव 109.77 रुपये प्रति लीटर के स्तर को छू चुका है, जबकि डीजल 95.83 रुपये प्रति लीटर पर आ गया है।
क्यों अलग-अलग होते हैं राज्यों में दाम?
सरकारी तेल विपणन कंपनियों (HPCL, BPCL, IOCL) के अनुसार, देश के विभिन्न राज्यों में वैट (Value Added Tax), स्थानीय परिवहन लागत और माल ढुलाई (Freight Charges) की दरें अलग-अलग होती हैं। यही वजह है कि दिल्ली की तुलना में मुंबई, कोलकाता या जयपुर जैसे शहरों में टैक्स का बोझ अधिक होने से कीमतें हमेशा ज्यादा दिखाई देती हैं। बहरहाल, पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी के भी महंगे होने से आने वाले दिनों में माल ढुलाई और ऑटो-कैब के किरायों में बढ़ोतरी की आशंका बढ़ गई है।