अगर आप भी हर सुबह इनबॉक्स में आए ढेरों ईमेल्स को देखकर ‘स्ट्रेस’ में आ जाते हैं, तो गूगल आपके लिए एक गुड न्यूज़ लाया है। Google ने भारत में अपना मोस्ट-अवेडेट “AI Inbox” फीचर रोलआउट करना शुरू कर दिया है। यह नया अपडेट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से आपके ईमेल मैनेज करने के पुराने और बोरिंग तरीके को पूरी तरह से बदलने वाला है।
किसे मिलेगा सबसे पहले?
यह सुपर-स्मार्ट अपडेट फिलहाल उन यूजर्स के लिए लाइव किया जा रहा है, जिनके पास Google AI Plus या Google AI Pro का पेड सब्सक्रिप्शन है।

क्या है Gmail का नया ‘AI Inbox’?
यह नया इनबॉक्स सिर्फ स्पैम मेल्स को अलग करने या फोल्डर बनाने तक लिमिटेड नहीं है। यह आपके इनबॉक्स में बैठा एक ‘पर्सनल एआई असिस्टेंट’ है। आइए जानते हैं इसके धांसू फीचर्स:
टाइपिंग का झंझट खत्म
अब आपको लंबे-चौड़े ईमेल्स का रिप्लाई सोचने और टाइप करने में टाइम वेस्ट करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। Gmail का AI आपके पुराने ईमेल चैट्स, बात करने के तरीके और आए हुए अटैचमेंट्स को खुद ही स्कैन कर लेगा। इसके बाद ये आपके लिए एक ‘Ready-to-Send’ ड्राफ्ट जवाब पहले से तैयार रखेगा। आपको बस उसे देखना है और एक क्लिक में ‘सेंड’ कर देना है।
फाइल्स का सीधा इंटीग्रेशन
अक्सर ईमेल में आई फाइल्स को चेक करने के लिए हमें Google Drive खोलना पड़ता है या नए टैब पर जाना पड़ता है। लेकिन अब, ईमेल से कनेक्टेड कोई भी Google Docs, Sheets या Slides फाइल सीधे आपके Gmail इनबॉक्स के अंदर ही खुल जाएगी। यानी बिना भटके, सीधा काम!

स्मार्ट टास्क और इनबॉक्स कंट्रोल्स
इनबॉक्स को साफ-सुथरा और ‘सॉर्टेड’ रखने के लिए गूगल ने कमाल के कंट्रोल्स दिए हैं। AI आपके ईमेल्स में से जरूरी काम खुद ढूंढकर उसकी एक टू-डू लिस्ट बना देगा।
काम खत्म होते ही इसे सीधे ‘डन’ मार्क करें। अगर AI कोई ऐसा सजेशन देता है जो आपके काम का नहीं है, तो उसे एक स्वाइप या क्लिक में हटा दें।
टेक एक्सपर्ट्स की राय?
Google AI Inbox को लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है की यह फीचर उन वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए एक लाइफ-सेवर है जिन्हें रोज सैकड़ों ईमेल्स से डील करना पड़ता है। ड्राफ्टिंग और फाइल शेयरिंग जैसे काम ऑटोमेटिक होने से यूजर्स का रोजाना कम से कम 1 से 2 घंटे का कीमती समय बचेगा।
आपको कब मिलेगा यह फीचर?
फिलहाल कंपनी ने इसे अपने प्रीमियम पेड सब्सक्राइबर्स के लिए इसे रिलीज किया है। कहा जा रहा है की शुरुआती फीडबैक और टेस्टिंग के बाद Google इसे बाकी सभी नॉर्मल यूजर्स के लिए भी धीरे-धीरे रोलआउट करेगा।