Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Reading: ईरान को लेकर ट्रंप-नेतन्याहू के बीच तीखी बहस! ट्रंप चाहते हैं ‘दस्तखत’ लेकिन नेतन्याहू चाहते है जंग ! क्या सिर्फ हज तक टला टकराव?
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • झारखंड
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
    • सेहत
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > ईरान को लेकर ट्रंप-नेतन्याहू के बीच तीखी बहस! ट्रंप चाहते हैं ‘दस्तखत’ लेकिन नेतन्याहू चाहते है जंग ! क्या सिर्फ हज तक टला टकराव?
Trending Newsवर्ल्ड

ईरान को लेकर ट्रंप-नेतन्याहू के बीच तीखी बहस! ट्रंप चाहते हैं ‘दस्तखत’ लेकिन नेतन्याहू चाहते है जंग ! क्या सिर्फ हज तक टला टकराव?

news desk
Last updated: May 21, 2026 12:10 pm
news desk
Share
SHARE

दुनिया इस वक्त जिस महायुद्ध के मुहाने पर खड़ी है, उसके पीछे के समीकरण अब बदलने लगे हैं। ईरान संकट को लेकर दो सबसे बड़े सहयोगियों अमेरिका और इजरायल के बीच अंदरूनी दरार अब खुलकर सामने आ गई है। खबर है कि ईरान पर ‘आखिरी प्रहार’ करने या ‘शांति समझौता’ अपनाने के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर जबरदस्त बहस हुई है।

Contents
ट्रंप चाहते हैं ‘दस्तखत’, नेतन्याहू को चाहिए ‘विनाश’ !क्या था फोन कॉल का वो ‘सीक्रेट’?हज के चलते टला अमेरिकी हमला, लेकिन खतरा बरकरारईरान का रुख: “झुकेंगे नहीं, लेकिन रास्ते खुले हैं”गाजा और लेबनान में बदतर होते हालात

एक्सियोस (Axios) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कॉल के खत्म होने के बाद इजरायली खेमे में ऐसी खलबली मची कि एक सूत्र ने यहां तक कह दिया, “बातचीत के बाद ‘बीबी’ (नेतन्याहू) इतने परेशान थे कि उनके बाल खड़े हो गए थे।” आइए समझते हैं कि बंद कमरों में चल रही इस बहस का दुनिया और खासकर भारत पर क्या असर होने वाला है।

ट्रंप चाहते हैं ‘दस्तखत’, नेतन्याहू को चाहिए ‘विनाश’ !

इस पूरी तकरार की मुख्य वजह दोनों नेताओं की अलग-अलग सोच है-

डोनाल्ड ट्रंप का रुख: ट्रंप इस समय ईरान के साथ एक बड़ी कूटनीतिक डील करके जंग को हमेशा के लिए खत्म करना चाहते हैं। उनका कहना है कि दोनों देश इस वक्त ‘डील और जंग के बीच की बॉर्डरलाइन’ पर खड़े हैं। ट्रंप ने साफ लहजे में कहा, “सवाल सिर्फ इतना है कि हम जाकर इसे (जंग को) खत्म करें या वे दस्तावेज पर साइन करेंगे। नेतन्याहू वही करेंगे जो मैं चाहूंगा।”

बेंजामिन नेतन्याहू का रुख: इजरायल को ट्रंप के इस ‘शांति दांव’ पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। नेतन्याहू का मानना है कि ईरान की सैन्य ताकत और उसके परमाणु ठिकानों को पूरी तरह मलबे में तब्दील किए बिना इजरायल कभी सुरक्षित नहीं हो सकता। वे चाहते हैं कि सीजफायर खत्म हो और ईरान पर दोबारा भीषण हमले शुरू किए जाएं।

क्या था फोन कॉल का वो ‘सीक्रेट’?

मंगलवार शाम हुई इस लंबी और ‘मुश्किल’ बातचीत में ट्रंप ने नेतन्याहू को बताया कि कतर और पाकिस्तान जैसे मध्यस्थ देश एक ‘लेटर ऑफ इंटेंट’ (Letter of Intent) तैयार कर रहे हैं। इस पर अमेरिका और ईरान साइन करेंगे, जिसके तहत औपचारिक रूप से जंग रुकेगी और अगले 30 दिनों के लिए परमाणु कार्यक्रम व ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) को खोलने जैसे मुद्दों पर सीधी बातचीत शुरू होगी। इजरायल इसी बात से भड़का हुआ है कि अमेरिका पर्दे के पीछे ईरान को राहत देने की तैयारी कर रहा है।

हज के चलते टला अमेरिकी हमला, लेकिन खतरा बरकरार

इसी बीच ‘मिडिल ईस्ट आई’ की एक रिपोर्ट ने दुनिया को चौंका दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका इस हफ्ते ईरान पर एक बड़ा हमला करने की पूरी तैयारी कर चुका था। लेकिन खाड़ी देशों (सऊदी अरब, कतर, यूएई) और खुद अमेरिकी अधिकारियों ने ट्रंप को चेतावनी दी कि पवित्र ‘हज’ के दौरान युद्ध शुरू करना एक बहुत बड़ा आत्मघाती कदम होगा।

हमला टलने की वजह: हज के दौरान मक्का और मदीना में दुनिया भर से लाखों मुस्लिम जायरीन मौजूद हैं। ऐसे में युद्ध छिड़ने से न सिर्फ लाखों निर्दोष लोगों की जान खतरे में पड़ती, बल्कि मुस्लिम जगत में अमेरिका की छवि हमेशा के लिए तबाह हो जाती। हालांकि, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल कुछ हफ्तों का ‘ब्रेक’ है; हज खत्म होते ही बारूद की गर्मी दोबारा बढ़ सकती है।

ईरान का रुख: “झुकेंगे नहीं, लेकिन रास्ते खुले हैं”

इस पूरे घटनाक्रम पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन का बड़ा बयान आया है। उन्होंने साफ कहा कि, “हमारी तरफ से कूटनीतिक समाधान के सभी रास्ते खुले हैं, लेकिन अगर कोई यह सोचता है कि दबाव या जबरदस्ती के आगे ईरान सरेंडर कर देगा, तो यह उसकी महज एक गलतफहमी (Illusion) है।”

इसी के साथ ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ में अपनी नई ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ के तहत एक ‘सुपरविजन एरिया’ घोषित कर दिया है। अब वहां से गुजरने वाले हर जहाज को पहले परमिट लेना होगा, बिना इजाजत के गुजरना अवैध माना जाएगा। यह कदम वैश्विक व्यापार और कच्चे तेल की सप्लाई के लिए एक नया सिरदर्द बन सकता है।

गाजा और लेबनान में बदतर होते हालात


एक तरफ जहां कागजों पर शांति की बातें हो रही हैं, वहीं जमीनी हकीकत बेहद खौफनाक है:

लेबनान: दक्षिणी लेबनान पर इजरायली हमलों में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, और वहां घोषित ‘सीजफायर’ सिर्फ नाम का रह गया है।

गाजा की त्रासदी: अक्टूबर 2023 से चल रहे इस विनाशकारी युद्ध में गाजा में अब तक 72,773 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और 1.72 लाख से ज्यादा घायल हैं।

वैश्विक आक्रोश: इजरायल के दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ज्विर का एक वीडियो सामने आने के बाद दुनिया भर में इजरायल की थू-थू हो रही है, जिसमें वे जेल में गाजा के सहायता कार्यकर्ताओं (Aid Activists) के साथ दुर्व्यवहार करते और उनका मजाक उड़ाते दिख रहे हैं।

मिडिल ईस्ट में शांति की डोर बेहद कमजोर हो चुकी है। ट्रंप भले ही अपनी छवि एक ‘पीसमेकर’ की बनाना चाहते हों, लेकिन नेतन्याहू की जिद, ईरान का कड़ा रुख और हज के बाद मंडराता युद्ध का साया यह इशारा कर रहा है कि आने वाले कुछ दिन वैश्विक राजनीति की दशा और दिशा तय करेंगे।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: Donald Trump Benjamin Netanyahu argument, Iran US war countdown, Strait of Hormuz new rules, US Israel Tension, डोनाल्ड ट्रंप, बेंजामिन नेतन्याहू, मिडिल ईस्ट संकट 2026
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article Cockroach Janta Party: क्या है सोशल मीडिया पर तहलका मचाने वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’? कैसे BJP को पछाड़ इंस्टाग्राम की ‘किंग’ बनी कॉकरोच जनता पार्टी
Next Article दिल्ली एयरपोर्ट पर इबोला को लेकर ‘हाई अलर्ट’, अफ्रीका से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग; DGHS की नई गाइडलाइंस जारी

फीचर

View More

बादल तो छाए, फिर भी क्यों नहीं मिलती गर्मी से राहत? जानिए बिना धूप के भी पसीना आने और बढ़ती उमस का पूरा वैज्ञानिक कारण

नई दिल्ली: आसमान में बादल छा जाने के बाद ज्यादातर लोगों को उम्मीद होती है कि मौसम ठंडा हो जाएगा…

By vineet verma 4 Min Read

चीनी ऐप से बीच सड़क अचानक क्यों रुक रहे ई-रिक्शा? खुलासे ने बढ़ाई टेंशन, क्या अब सोलर ग्रिड भी खतरे में?

भोपाल: मोबाइल ऐप के जरिए ई-रिक्शा को बीच रास्ते रोकने के मामले…

7 Min Read

12 नहीं, सिर्फ 11 महीने का ही क्यों बनता है रेंट एग्रीमेंट? जानिए कानून, खर्च और किरायेदारों से जुड़े 7 बड़े सवालों के जवाब

नई दिल्ली: देशभर में किराए पर घर लेने के दौरान एक बात…

4 Min Read

विचार

View More

अमीर पति बनेगा सहारा या मुसीबत? डेटिंग ऐप CEO की सलाह से छिड़ी बहस, महिलाओं से कहा- ‘कमाई का अंतर ज्यादा हो तो सोचिए’

नई दिल्ली: शादी और रिश्तों को लेकर एक वायरल पोस्ट…

June 9, 2026

मानसून की दस्तक में फिर देरी, आखिर कब पहुंचेगा केरल? जानिए क्यों बार-बार बदल रही है IMD की तारीख

नई दिल्ली: देश के कई राज्यों…

June 4, 2026

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

You Might Also Like

Trending Newsउत्तर प्रदेशराज्य

‘राजभर को अच्छे इलाज की जरूरत’, शिवपाल यादव का तीखा हमला; बोले- कांग्रेस के साथ गठबंधन जारी, 2027 में बनेगी सपा सरकार

फिरोजाबाद: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ…

4 Min Read
Trending Newsसियासी

राम मंदिर दान विवाद पर फिर आया मोहन भागवत का जवाब, बोले- ‘बयान जारी हो चुका है, उसे देख लीजिए’

नई दिल्ली: अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि की कथित चोरी को लेकर जारी विवाद के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक…

3 Min Read
Trending Newsसियासी

राम मंदिर दान विवाद पर उद्धव ठाकरे का बीजेपी पर बड़ा हमला, बोले- ‘अयोध्या अगर झांकी थी, तो काशी-मथुरा का क्या होगा?’

नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर में दानराशि की कथित चोरी को लेकर जारी विवाद के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव…

3 Min Read
Trending Newsउत्तर प्रदेशराज्य

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर कोषाध्यक्ष का बड़ा बयान, बोले- ‘दोषी कितना भी प्रभावशाली हो, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए’

अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने…

5 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • राज्य
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • Entertainment
  • बाजार
  • धर्म
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?