सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में किसी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म जैसा ड्रामा देखने को मिला। सुबह की शुरुआत एक भयानक ‘ब्लैक मंडे’ जैसी हुई, जहां चारों तरफ बिकवाली का शोर था। हालांकि, शाम होते-होते बाजार ने निचले स्तरों से एक शानदार ‘बाउंस बैक’ जरूर किया, लेकिन यह रिकवरी निवेशकों के जख्मों पर पूरी तरह मरहम नहीं लगा सकी। बाजार के इस रोलर-कोस्टर राइड के बीच, स्टॉक मार्केट के निवेशकों को एक ही दिन में 2.25 लाख करोड़ रुपए की भारी चपत लग गई।
1000 अंक टूटा सेंसेक्स
ग्लोबल मार्केट से मिले खराब संकेतों और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण सुबह बाजार खुलते ही हाहाकार मच गया।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स 1,057 अंक फिसलकर 74,180 के निचले स्तर पर आ गया।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 326 अंक टूटकर 23,317 के स्तर पर गोता लगाने लगा।
इस चौतरफा बिकवाली के चलते बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले कारोबारी सत्र के 460.59 लाख करोड़ से घटकर 458.33 लाख करोड़ रुपए पर आ गया। यानी सीधे-सीधे 2.25 लाख करोड़ स्वाहा हो गए।

IT और फार्मा सेक्टर
दोपहर के बाद बाजार में ‘वैल्यू बाइंग’ निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू हुई, जिसकी कमान IT इंडेक्स 2.4% की तेजी ने संभाली। चूंकि डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हो रहा था, इसलिए डॉलर में कमाई करने वाली आईटी कंपनियों को इसका फायदा मिला।

सेंसेक्स निचले स्तर से 1,286 अंक सुधरकर 75,315 यानी 77 अंक ऊपर पर बंद हुआ। और वही निफ्टी दिन के लो से 378 अंक रिकवर होकर 23,650 6.4 अंक ऊपर पर बंद हुआ।
शेयरों का हाल: कौन डूबा, किसने कमाया?
टॉप गेनर्स:
Gland Pharma: मार्च तिमाही के मुनाफे में 97% की बंपर बढ़त के चलते शेयर 13.4% उछला।
Bharti Airtel: 1.6% की तेजी के साथ एयरटेल ने HDFC बैंक को पछाड़ दिया और देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई।
Tech Mahindra & Infosys: आईटी सेक्टर में क्रमशः 4.8% और 2.3% की तगड़ी रैली देखी गई।
गिरने वाले शेयर:
Tata Steel: कमजोर तिमाही नतीजों के कारण शेयर 5% तक टूट गया।
Power Grid & NTPC: मार्च तिमाही के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक न होने से इनमें 3% से 4% की गिरावट रही।
Oil & Gas Stocks: क्रूड की बढ़ती कीमतों के कारण Reliance, BPCL और IOCL जैसे हैवीवेट्स दबाव में रहे।
एक्सपर्ट की राय
मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि जब तक निफ्टी दोबारा 23,800 – 24,000 के जोन को पार नहीं करता, तब तक बाजार पर दबाव बना रहेगा। जियोपॉलिटिकल टेंशन और कच्चे तेल की चाल ही इस हफ्ते बाजार की अगली दिशा तय करेगी। निवेशकों को फिलहाल एग्रेसिव बाइंग से बचकर ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपनानी चाहिए।