तिरुवनंतपुरम। केरल की राजनीति में आज एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की सरकार का शपथ ग्रहण समारोह तिरुवनंतपुरम में संपन्न हुआ। कांग्रेस आलाकमान के दिग्गज नेताओं-राहुल गांधी और प्रियंका गांधी-की गरिमामयी मौजूदगी में वीडी सतीशन (VD Satheesan) ने मुख्यमंत्री पद की गोपनीयता की शपथ ली।
मुख्यमंत्री सतीशन के साथ उनकी 21 सदस्यीय कैबिनेट के अन्य 20 मंत्रियों ने भी पद भार संभाल लिया है। इस नई कैबिनेट की सबसे खास बात यह है कि इसमें क्षेत्रीय, धार्मिक और जातिगत समीकरणों (Social Engineering) का बेहद सटीक और संतुलित तालमेल बिठाया गया है।
कैबिनेट में ‘9-6-6’ का धार्मिक संतुलन और सोशल इंजीनियरिंग
सतीशन सरकार ने अपनी कैबिनेट में केरल के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत प्रतिनिधित्व देने के लिए ‘9-6-6’ का दिलचस्प फॉर्मूला अपनाया है:
- अल्पसंख्यक वर्ग का दबदबा: 21 सदस्यीय मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा 12 मंत्री अल्पसंख्यक समुदायों से हैं। इनमें 6 मुस्लिम और 6 ईसाई समाज के नेता शामिल हैं। मुस्लिम मंत्रियों में 5 मुस्लिम लीग (IUML) से और एक कांग्रेस कोटे से हैं।
- हिंदू समुदाय को मिला उचित स्थान: कैबिनेट में हिंदू समाज से मुख्यमंत्री सहित 9 मंत्रियों को जगह मिली है। इनमें सवर्ण नायर बिरादरी (जिससे खुद सीएम सतीशन आते हैं) से 4 नेता और पिछड़ा वर्ग (एझवा/OBC) से 3 नेता शामिल हैं, जिनमें एक महिला भी हैं।
- लंबे समय बाद दलित (SC) समुदाय की वापसी: केरल की राजनीति में इस बार बड़ा संदेश देते हुए अनुसूचित जाति (SC) समाज से 2 नेताओं को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। गौरतलब है कि पिछली एलडीएफ (LDF) सरकार में इस वर्ग से किसी को मंत्री पद नहीं मिला था।
14 नए चेहरे और 2 महिलाओं को कमान
नई कैबिनेट में अनुभव के साथ-साथ युवाओं को भी तरजीह दी गई है। पूरी कैबिनेट में 14 मंत्री ऐसे हैं जो पहली बार लाल बत्ती (मंत्री पद) तक पहुंचे हैं। इसके अलावा, आधी आबादी का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए सरकार में 2 महिला मंत्रियों को भी शामिल किया गया है।
प्रमुख संवैधानिक पदों का बंटवारा:
कैबिनेट के अलावा विधानसभा के तीन अन्य शीर्ष पदों पर भी संतुलन की अनूठी मिसाल पेश की गई है:
- स्पीकर: कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक तिरुवनंचूर राधाकृष्णन (हिंदू नायर समाज) विधानसभा के नए अध्यक्ष होंगे।
- डिप्टी स्पीकर: वरिष्ठ महिला नेता शानिमोल उस्मान (मुस्लिम समुदाय) को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा रही है।
- चीफ व्हिप (मुख्य सचेतक): केरल कांग्रेस (जोसेफ) के ईसाई समुदाय से आने वाले विधायक इस पद को संभालेंगे।
पार्टीवार मंत्रियों की सूची: कांग्रेस के सबसे ज्यादा 12 मंत्री
यूडीएफ गठबंधन के तहत मंत्रालयों का बंटवारा बहुत ही सलीके से किया गया है। मुख्यमंत्री सहित कांग्रेस के पास सबसे ज्यादा 12 मंत्री पद हैं।
- कांग्रेस (12 मंत्री): मुख्यमंत्री वीडी सतीशन, रमेश चेन्निथला, के. मुरलीधरन, सन्नी जोसेफ, ए. पी. अनिल कुमार, पी. सी. विष्णुनाथ, रोजी एम. जॉन, बिंदु कृष्ण, एम. लिजू, टी. सिद्दीकी, के. ए. तुलसी और ओ. जो. जनीश।
- इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग – IUML (5 मंत्री): पी. के. कुन्हालीकुट्टी, पी. के. बशीर, पी. के. शमशुद्दीन, के. जी. शाजी और एन. शमशुद्दीन।
- सहयोगी दल (4 मंत्री): मॉन्स जोसेफ़ (केरल कांग्रेस जोसेफ), शिबू बेबी जॉन (RSP), अनूप जैकब (केरल कांग्रेस जैकब) और सी. पी. जोहान (CMP)।
क्षेत्रीय संतुलन: उत्तरी केरल को तरजीह, कोझिकोड के लिए विशेष प्लानिंग
केरल के राजनीतिक इतिहास में पिछले 6 दशकों (60 साल) में यह पहली बार है जब कांग्रेस की अगुवाई में एक ऐसी ‘पूर्ण कैबिनेट’ शपथ ले रही है, जिसमें क्षेत्रीय संतुलन साफ दिख रहा है। सूबे के 6 उत्तरी जिलों से कुल 8 नेताओं को मंत्री बनाया गया है।
ढाई साल बाद होगा बदलाव: फिलहाल कोझिकोड और कासरगोड जिले से किसी चेहरे को कैबिनेट में जगह नहीं मिली है। हालांकि, यूडीएफ ने पहले ही घोषणा कर दी है कि सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद कोझिकोड के कुट्टियाडी से चुने गए मुस्लिम लीग (IUML) के नेता पराक्कल अब्दुल्ला को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा। ऐसे में भविष्य में यह देखना दिलचस्प होगा कि अब्दुल्ला के लिए जगह बनाने के लिए किस मौजूदा मंत्री को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ेगी।