तिरुवनंतपुरम। केरल की राजनीति में आज एक नए युग की शुरुआत हो गई है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की ऐतिहासिक और प्रचंड जीत के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन (VD Satheesan) ने केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ले ली है। इसके साथ ही सूबे में करीब डेढ़ दशक (15 साल) बाद शीर्ष पद पर कांग्रेस की वापसी हुई है। इससे पहले साल 2011 में ओमान चांडी केरल के आखिरी कांग्रेस मुख्यमंत्री थे।
तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित इस भव्य समारोह में न सिर्फ केरल की नई सरकार का उदय हुआ, बल्कि यह मंच राष्ट्रीय राजनीति में विपक्षी एकजुटता का एक बड़ा केंद्र भी नजर आया।
शपथ ग्रहण समारोह की 5 बड़ी बातें (Key Highlights)
- वीडी सतीशन ने ली सीएम पद की शपथ: कांग्रेस आलाकमान के भरोसेमंद और यूडीएफ के रणनीतिकार वीडी सतीशन अब आधिकारिक तौर पर केरल के मुख्यमंत्री बन चुके हैं। उनके साथ उनकी पूरी कैबिनेट के भी शपथ लेने की खबर है।
- मंच पर राष्ट्रीय नेताओं का जमावड़ा: शपथ ग्रहण के ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी विशेष रूप से मंच पर मौजूद रहे।
- एक फ्रेम में दिखे कांग्रेस के दिग्गज: तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट से लेकर स्टेडियम तक कांग्रेस की ताकत का अहसास हुआ। समारोह में तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी, कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार, हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल एक साथ एकजुटता दिखाते नजर आए।
- पूर्व सीएम पिनाराई विजयन भी पहुंचे: राजनीतिक कड़वाहट को दरकिनार करते हुए निवर्तमान मुख्यमंत्री और एलडीएफ नेता पिनाराई विजयन भी सतीशन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने मंच पर पहुंचे, जो केरल की स्वस्थ राजनीतिक परंपरा को दर्शाता है।
रमेश चेन्निथला संभालेंगे गृह मंत्रालय, कानून-व्यवस्था पर बड़ा बयान
केरल की नई कैबिनेट के चेहरों को लेकर भी सस्पेंस खत्म हो गया है। कांग्रेस के दिग्गज और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला (Ramesh Chennithala) ने आधिकारिक तौर पर एलान कर दिया है कि वे नई सरकार में गृह मंत्री (Home Minister) का कार्यभार संभालेंगे।
जनता ने LDF को नकारा, अब हमारा कर्तव्य बड़ा: चेन्निथला
“केरल की जनता ने वामपंथी गठबंधन (LDF) के कुशासन को पूरी तरह नकार दिया है। अब जनता को एक पारदर्शी, जवाबदेह और बेहतर प्रशासन देना हमारा पहला कर्तव्य है। गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालते ही मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता राज्य में कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त और निष्पक्ष बनाना होगी।”
राजनीतिक विश्लेषण: कांग्रेस के लिए क्यों खास है यह जीत?
यह बदलाव केवल एक राज्य में सरकार बदलने जैसा नहीं है। केरल में हर 5 साल में सरकार बदलने का रिवाज (Anti-Incumbency एंटी-इन्कंबेंसी) पिछली बार टूट गया था, जब एलडीएफ ने दोबारा सरकार बनाई थी। ऐसे में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के लिए यह साख की लड़ाई थी।
वीडी सतीशन के चेहरे पर दांव लगाकर कांग्रेस ने राज्य में कैडर को नया जीवन दिया है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री सतीशन और गृह मंत्री चेन्निथला की यह नई जोड़ी केरल की जनता की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।